प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने से पहले अखिलेश से करनी चाहिए थी बात: रामगोपाल
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लखनऊ । उत्तर प्रदेश में सत्तारुढ समाजवादी पार्टी (सपा) में चल रही सियासी भूचाल के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद रामगोपाल यादव ने कहा है कि सपा के प्रदेश अध्यक्ष पद से अखिलेश यादव को हटाने से पहले नेतृत्व को उनसे बात कर लेनी चाहिए थी।
पार्टी के विवादों को शांत करने के लिए आज यहां पहुंचे प्रो0 यादव ने कहा, “मुख्यमंत्री को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने से पहले उनसे बात करनी चाहिए थी। हटाने के बजाये समझा बुझाकर इस्तीफा मांगना चाहिए था। शिवपाल यादव से अहम विभाग छीने जाने के पीछे उन्होंने गलतफहमी बतायी पर कहा कि एक्शन का रिएक्शन ताे स्वाभाविक है।”श्री यादव ने कहा कि वह पार्टी पर इन विवादों से कोई फर्क नहीं पडता। परिवार के सम्बन्ध में पूछे गये कई सवालों को उन्होंने टाल दिया, हालांकि कहा कि इन विवादों से उनका परिवार काफी ऊपर है। हम सभी का ध्यान सामाजिक सेवा कर पार्टी को आगे बढाने पर केन्द्रित है। अभी 2017 का चुनाव नजदीक है। सपा चुनाव जीतकर एक बार फिर सरकार बनायेगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से बातकर गलतफहमियों को दूर किया जायेगा। मुख्यमंत्री के बाहरी व्यक्ति के हस्तक्षेप सम्बन्धी बयान के बारे में पूछे गये सवाल को उन्होंने मुस्कराकर टाल दिया। गायत्री प्रसाद प्रजापति और राजकिशोर सिंह को मंत्री पद से हटाये जाने के बारे में पूछे जाने पर प्रो0 यादव ने कहा कि यह मुख्यमंत्री का अधिकार है कि वह किसको मंत्रिमंडल मे रखे और किसे नहीं रखे। मंत्रियों में विभागों का बंटवारा भी मुख्यमंत्री के विवेक का विषय है।
पार्टी के विवादों को शांत करने के लिए आज यहां पहुंचे प्रो0 यादव ने कहा, “मुख्यमंत्री को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने से पहले उनसे बात करनी चाहिए थी। हटाने के बजाये समझा बुझाकर इस्तीफा मांगना चाहिए था। शिवपाल यादव से अहम विभाग छीने जाने के पीछे उन्होंने गलतफहमी बतायी पर कहा कि एक्शन का रिएक्शन ताे स्वाभाविक है।”श्री यादव ने कहा कि वह पार्टी पर इन विवादों से कोई फर्क नहीं पडता। परिवार के सम्बन्ध में पूछे गये कई सवालों को उन्होंने टाल दिया, हालांकि कहा कि इन विवादों से उनका परिवार काफी ऊपर है। हम सभी का ध्यान सामाजिक सेवा कर पार्टी को आगे बढाने पर केन्द्रित है। अभी 2017 का चुनाव नजदीक है। सपा चुनाव जीतकर एक बार फिर सरकार बनायेगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से बातकर गलतफहमियों को दूर किया जायेगा। मुख्यमंत्री के बाहरी व्यक्ति के हस्तक्षेप सम्बन्धी बयान के बारे में पूछे गये सवाल को उन्होंने मुस्कराकर टाल दिया। गायत्री प्रसाद प्रजापति और राजकिशोर सिंह को मंत्री पद से हटाये जाने के बारे में पूछे जाने पर प्रो0 यादव ने कहा कि यह मुख्यमंत्री का अधिकार है कि वह किसको मंत्रिमंडल मे रखे और किसे नहीं रखे। मंत्रियों में विभागों का बंटवारा भी मुख्यमंत्री के विवेक का विषय है।

