शिक्षा के अभाव में पिछड़ गया है अल्पसंख्यक समाज: किदवाई
https://husainijnp.blogspot.com/2016/09/blog-post_973.html
बाराबंकी। अल्पसंख्यक समाज में भी शिक्षा का आभाव है खास कर महिलाओं में
बहुत ज्यादा औरतों को शिक्षित बनकर इन कुप्रथाओं को तोड़ना होगा और
अल्पसंख्यकों को दीनी शिक्षा के साथ साथ वैज्ञानिक और वैचारिक शिक्षा से
भी तोड़ना होगा। उक्त विचार आज लखपेड़ाबाग मलिक मैरिज हाल में ग्राम विकास
समिति द्वारा आयोजित एक सेमिनार में जिला बार एसोसिएशन के पूर्व
महामंत्री हिसाल बारी किदवाई ने व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज और
परिवारों में बेटा बेटी का फर्क कही न कही अशिक्षा की देन है यह भेद भाव
स्वतः ही मिट जायेगा, यदि हम प्रगतिशील और शिक्षत हो जायेगें। किदवाई ने
कहा कि सरकार की योजनाए अल्प संख्यकों के विकास के लिए अति उत्तम है
उन्हें स्वास्थ्य एवं वच्छता परियोजनाएं एवं कार्यान्वयन एवं सरकारी
तन्त्र के बारे में व्यापक चर्चा की। सेमिनार में उपस्थित मानव कल्याण
परिषद के अध्यक्ष मुस्तकीम सिद्दीकी ने 12 सूत्रीय कार्यक्रम के अन्तर्गत
एकिकृत बाल विकास सेवाओं की समुचित व्यवस्था विद्यालय शिक्षा की उपलब्धता
को सुधारना उर्दू शिक्षा के लिए अधिक सीमित संसाधन मदरसा शिक्षा का
आधुनिकीकरण अल्प संख्यक समुदायों के मेधावी को वजीफा मौलाना आजाद शिक्षा
प्रतिष्ठान के माध्यम से शिक्षा का सुधार आर्थिक कार्यकलापों एवं रोजगार
में समुचित हिस्सेदारी निरधन के लिए रोजगार तकनीकी शिक्षा के माध्यम से
कौशल उनन्यन आर्थिक क्रिया कलापों के लिए ऋण सहायता राज्य व केन्द्रीय
सेवाओं में भर्ती अल्प संख्यक समुदायिक की मलिन बस्तियों में सुधार
सम्प्रदायिक दंगों की रोक थाम व निरंतरण के बारे में व्यापक जानकारी
उपलब्ध करायी। इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष एमएन अहमद ने कहा कि अल्पसंख्यक
समुदायों से सम्बन्धित योजनाओं को बहूउपयोगी बताया तथा अल्पसंख्यक समुदाय
को तालीम से जोड़ने व जागरूक रहने की हिदायत दी। इस अवसर पर प्रतिभागियों
ने परिचर्चा में भाग लेते हुए जीनत काजमीन, हिना व मरियम आतिमा ने भी
अपने विचार व्यक्त किया। सेमिनार में उपस्थित हस्त शिल्प विकास आयुक्त
कार्यालय के सी0टी0ओ0 प्रदीप कुमार ने उपस्थित लोगों को विभिन्न योजनाओं
की जानकारी दी तथा विभगीय हर सम्भव सहायता प्रदान करने का वादा किया।
नेहरू युवा केन्द्र संगठन के प्रतिनिधि अविनाश गुप्ता, तुलसीराम ने अपने
विचार व्यक्त किया तथा प्रतिभागियों को सन्दर्भ सामग्री भी वितरित की
गयी। इस अवसर पर मुख्य रूप से उबेद खान, कामिल सिद्दीकी, मो. गुलफान,
जैबा रिज़वी, मीना कुमारी, रईस कादरी एडवोकेट, अशोक द्विवेदी एडवोकेट,
जमीर खान, शहबाज खान एडवोकेट सहित सैकड़ो लोग उपस्थित रहें।
बहुत ज्यादा औरतों को शिक्षित बनकर इन कुप्रथाओं को तोड़ना होगा और
अल्पसंख्यकों को दीनी शिक्षा के साथ साथ वैज्ञानिक और वैचारिक शिक्षा से
भी तोड़ना होगा। उक्त विचार आज लखपेड़ाबाग मलिक मैरिज हाल में ग्राम विकास
समिति द्वारा आयोजित एक सेमिनार में जिला बार एसोसिएशन के पूर्व
महामंत्री हिसाल बारी किदवाई ने व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज और
परिवारों में बेटा बेटी का फर्क कही न कही अशिक्षा की देन है यह भेद भाव
स्वतः ही मिट जायेगा, यदि हम प्रगतिशील और शिक्षत हो जायेगें। किदवाई ने
कहा कि सरकार की योजनाए अल्प संख्यकों के विकास के लिए अति उत्तम है
उन्हें स्वास्थ्य एवं वच्छता परियोजनाएं एवं कार्यान्वयन एवं सरकारी
तन्त्र के बारे में व्यापक चर्चा की। सेमिनार में उपस्थित मानव कल्याण
परिषद के अध्यक्ष मुस्तकीम सिद्दीकी ने 12 सूत्रीय कार्यक्रम के अन्तर्गत
एकिकृत बाल विकास सेवाओं की समुचित व्यवस्था विद्यालय शिक्षा की उपलब्धता
को सुधारना उर्दू शिक्षा के लिए अधिक सीमित संसाधन मदरसा शिक्षा का
आधुनिकीकरण अल्प संख्यक समुदायों के मेधावी को वजीफा मौलाना आजाद शिक्षा
प्रतिष्ठान के माध्यम से शिक्षा का सुधार आर्थिक कार्यकलापों एवं रोजगार
में समुचित हिस्सेदारी निरधन के लिए रोजगार तकनीकी शिक्षा के माध्यम से
कौशल उनन्यन आर्थिक क्रिया कलापों के लिए ऋण सहायता राज्य व केन्द्रीय
सेवाओं में भर्ती अल्प संख्यक समुदायिक की मलिन बस्तियों में सुधार
सम्प्रदायिक दंगों की रोक थाम व निरंतरण के बारे में व्यापक जानकारी
उपलब्ध करायी। इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष एमएन अहमद ने कहा कि अल्पसंख्यक
समुदायों से सम्बन्धित योजनाओं को बहूउपयोगी बताया तथा अल्पसंख्यक समुदाय
को तालीम से जोड़ने व जागरूक रहने की हिदायत दी। इस अवसर पर प्रतिभागियों
ने परिचर्चा में भाग लेते हुए जीनत काजमीन, हिना व मरियम आतिमा ने भी
अपने विचार व्यक्त किया। सेमिनार में उपस्थित हस्त शिल्प विकास आयुक्त
कार्यालय के सी0टी0ओ0 प्रदीप कुमार ने उपस्थित लोगों को विभिन्न योजनाओं
की जानकारी दी तथा विभगीय हर सम्भव सहायता प्रदान करने का वादा किया।
नेहरू युवा केन्द्र संगठन के प्रतिनिधि अविनाश गुप्ता, तुलसीराम ने अपने
विचार व्यक्त किया तथा प्रतिभागियों को सन्दर्भ सामग्री भी वितरित की
गयी। इस अवसर पर मुख्य रूप से उबेद खान, कामिल सिद्दीकी, मो. गुलफान,
जैबा रिज़वी, मीना कुमारी, रईस कादरी एडवोकेट, अशोक द्विवेदी एडवोकेट,
जमीर खान, शहबाज खान एडवोकेट सहित सैकड़ो लोग उपस्थित रहें।
