मुसलमानो की हालात दलितों से भी बदत्तर : ज़ेड के फैजान
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बतौर मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता ज़ेड0 क़े0 फैजान ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा की आज़ादी से पहले सरकारी नौकरीओं में 33 प्रतिशत भागेदारी थी अब मात्र 2 प्रतिशत ही है सभी सरकारों ने मुसलमानो को मात्र वोट बैंक मान कर शोषण किया जिससे मुस्लिम समाज का पतन हुआ है
समाजिक कार्यकर्ता अख्तर सईद ने कहा की मुसलमानो को राजनीतिक भागेदारी के साथ साथ सिविल सर्विसेस में भी आगे आना होगा तभी मुस्लिम समाज का विकास सम्भव है ।
पूर्व विधायक आजमगढ़ हाफिज इरशाद ने अपने सम्बोधन में कहा की धर्म निरपेक्ष देश में धर्म मज़हब के आधार पर नही बांटा जायेगा लेकिन शोषित मुस्लिम समाज को बाँट दिया गया धर्म के आधार पर मुस्लिम शोषित समाज को सुरक्षित SC का दर्जा नही मिला जो दुर्भाग्यपूर्ण है ।
मौलाना शहाब अख्तर राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष उलेमा कौंसिल ने कहा की मुसलमानो के सभी समाज को एक प्लेटफार्म पर आना होगा फिरका परस्ती छोड़ कर सभी को एक कतार में खड़े होने से मुसलमानो की दिशा और दशा को बदला जा सकता है गोष्टी को
तनवीर हसन, मजहर आसीफ ,आदि लोगों ने भी सम्बोधित किया ।
अध्यक्षता मास्टर शबाबुद्दीन उर्दू विभागाध्यक्ष शिबली कालेज आजमगढ़ ने किया
संचालन मौलाना अब्दुलवहीद कासिमी ने किया । इस मौके पर मास्टर इरफान , कफ़ील अहमद एडोकेट, फारूक आज़म, डा नैयर, मो0 साकिब, आदि लोग उपस्थित रहे कार्यक्रम के आयोजक प्रबंधक परवेज़ आलम भुट्टू ने सभी आगंतुकों का आभार प्रकट किया ।

