कुश्ती हमारे देश की पहचान है : धनंजय सिंह
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इसी तरह डीएल डब्लू के मुन्ना ने जौनपुर के अभिमन्यु को 6-2 के अंतर से, केराकत के रोहित ने गाजीपुर के अमित को, मुगलसराय के प्रिंस ने मुम्बई के विवेक को पटखनी दी जबकि डीएलडब्लू के जगदीश व मुम्बई के सन्तोष तथा गोरखपुर स्पोर्ट्स हास्टल के जनार्दन तथा मुम्बई के सर्वेश यादव दर्जन भर कुश्तियां बराबरी छूटी। मिट्टी के अखाड़े में गोरखपुर के नीरज यादव को कोनिया जौनपुर के गोरख यादव ने धूल चटाई तथा गोरखपुर के अरविन्द ने सतमेरा जौनपुर के चन्द्रशेखर को व धर्मापुर के कमलेश ने सरैया गाजीपुर के मोनू को कोनिया के प्रदीप ने मुगलसराय के कुलदीप को व गोरखपुर के सुरेन्द्र यादव ने मुगलसराय के लवकुश को तथा मुगलसराय के उमेश ने जौनपुर धर्मापुर के सिकन्दर को रोमांचक मुकाबले में शिकस्त दी।
इससे पूर्व प्रतियोगिता के आयोजक पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू के साथ वैदिक मन्त्रोच्चार के बीच अखाड़े का पूजन अर्चन किया तथा पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह व रघुराज सिंह पूर्व जिलाध्यक्ष शेरबहादुर सिंह ने फीता काटकर छोटे पहलवानो का हाथ मिलाते हुए खेल का शुभारम्भ कराया। इस मौके पर आयोजक पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि उनका प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाएं उभरकर सामने आये और ओलम्पियन नरसिंह व संदीप यादव जैसे गांव से ओलम्पिक तक पहुंचे उन्हें देखकर प्रेरणा लें कुश्ती हमारे देश की पहचान व शान हैं इसे और आगे बढ़ाने जरूरत है। नरसिंह यादव के साथ हुए अन्याय को बड़ी साजिश बताते हुए आशा व्यक्त किया कि सीबीआई जांच में क्लीन चिट मिलेगा और जापान ओलम्पिक में गोल्ड लायेंगे। पूर्व सांसद ने नरसिंह उनके पिता पंचम यादव, संदीप यादव उत्तर प्रदेश केसरी तथा पहलवान महादेव को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस मौके प्रबन्धक अशोक सिंह, भाजपा नेता सरदार सिंह, मृगेन्द्र सिंह, शिव बाबा, पूर्व प्रमुख सुधाकर उपाध्याय, राय रतनबहादुर सिंह, जय प्रकाश सिंह राना, श्रीपति उपाध्याय तथा दंगल समिति प्रभारी ओमप्रकाश सिंह, नवीन सिंह, देवेन्द्र सिंह, दिनेश सिंह, अशोक सिंह, पंकज सिंह, मनोज सिंह, बबलू सिंह, मैनेजर प्रधानाचार्य राकेश सिंह आदि सक्रिय रहे। अध्यक्षता प्रबन्धक विजय पाल सिंह व आभार प्रतिनिधि ओमप्रकाश सिंह ने ज्ञापित किया। मैच रेफरी रामनरेश, वेदप्रकाश, सुभाष चन्द व संगणक दलसिंगार यादव, लालजी यादव, राधेश्याम व कमेंटेटर रामसिंह बबलू रहे।

