10 साल तक कहां थी कांग्रेस की पूर्व सैनिकों के प्रति सहानुभूति: जेटली
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उन्होंने कहा कि कई दशकों से वन रैंक वन पेंशन की मांग की जा रही है। वर्ष 2004 से 2014 तक 10 साल तक संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की सरकार रही। संप्रग सरकार ने इस मांग को लागू करने के लिए एक भी कारगर कदम नहीं उठाया। केवल चुनावों में झूठा वादा किया और बाद में संसद में उसकी जटिलताओं का जिक्र करके उसके क्रियान्वयन को असंभव करार दे दिया। आम चुनाव के पहले सरकार ने सिर्फ चुनावी संदेश देने के लिए एक समिति बनाने घोषणा की और बजट में उसके लिये केवल 500 करोड़ रुपए का प्रावधान कर दिया।
जेटली ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में जब से इसे लागू किया गया है, इसमें कुछ चुनौतियां है। इसी को आसान बनाने के लिए भारतीय स्टेट बैंक के माध्यम से पेंशन दी जाती है। हर एक सेवानिवृत्त सैनिक को इस आधार के रूप में उसकी पेंशन दी गई। कुछ लोगों की शिकायत पर न्यायमूर्ति रेड्डी का एक सदस्यीय आयोग बनाया गया जिसने अपनी रिपोर्ट दे दी है। उस पर सरकार विचार करेगी। लाखों की तादाद में लोगों को ये पेंशन मिल रही है। जिन लोगों के मामले में कोई विवाद है, उन्हें भी सुलझाया जा रहा है।

