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मोदी के ऐलान के बाद लोगों में मची खलबली, ATM और पेट्रोल पंप में लगी लोगों की लंबी कतारें

मोहम्मद सोहराब
चंडीगढ़ : केंद्र सरकार ने आज रात 12 बजे के बाद से अचानक 500 और 1000 रुपए के मौजूदा नोट अवैध कर दिए जाने से जहां लोग भौचक्के रह गए, वहीं कल की चिंता में लोग अपने पास रखे ऐसे नोट बाजार में चलाने के लिए निकल पड़े। सबसे बड़ी दिक्कत लोगों को यह हो गई कि रात 12 बजे से पहले ही कारोबारियों ने पांच सौ और एक हजार रुपए के नोट स्वीकार करने से इंकार कर दिया।

सौ-सौ रुपए के नोटों की खातिर ए.टी.एम. बूथों पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। गाडिय़ों में पैट्रोल-डीजल डलवाने के लिए पैट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें लग गईं। पैट्रोल पंपों पर पांच सौ रुपए से कम का पैट्रोल न डाले जाने से वाहन चालकों का कई पंपों पर झगड़ा हो गया। रात 11 बजे तक भी पैट्रोल पंपों पर वाहनों की लाइनें लगी हुई थीं। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार इस तरह इतना बड़ा फैसला अचानक कर देगी। दिनभर इलैक्ट्रॉनिक मीडिया में खबरें चल रही थीं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की सुरक्षा के मसले पर उच्च स्तरीय बैठक कर रहे हैं और शाम तक इस बैठक के निर्णयों की खबर का पूरे मीडिया को इंतजार था लेकिन शाम करीब सात बजे अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दूरदर्शन पर एक बड़े फैसले को लेकर देश को संबोधन शुरू हुआ तो सोशल मीडिया पर मोदी को सुनने के मैसेज फ्लैश होने शुरू हो गए। क्योंकि मोदी पांच सौ और एक हजार रुपए के नोट मंगलवार को रात 12 बजे के बाद से अवैध घोषित कर चुके थे। यह पता लगते ही लोग टी.वी. खोलकर बैठ गए। मोदी का संबोधन खत्म होने के साथ ही ट्राईसिटी में भी पैनिक की स्थिति बन गई। सबसे ज्यादा लोग पैट्रोल पंपों और ए.टी.एम. बूथ्स की तरफ दौड़ पड़े।

शहर का कोई ऐसा पैट्रोल पंप नहीं था, जहां रात 8 बजे के बाद वाहनों की लंबी लाइनें न लगी हों। लोगों को चिंता यह थी कि कल पांच सौ और हजार रुपए के नोट लेकर पैट्रोल-डीजल नहीं डलवा पाएंगे, जबकि जेब में सौ-सौ के इतने नोट नहीं हैं कि कल पैट्रोल-डीजल के लिए इन्हें खर्च कर सकें। इसलिए लोग रात 12 बजे से पहले पांच सौ और एक हजार रुपए के नोट की वैधता के कारण अपनी-अपनी गाड़ी में पैट्रोल-डीजल डलवाने के लिए अपनी गाडिय़ां लेकर पैट्रोल पंपों पर पहुंच गए लेकिन सबसे ज्यादा दिक्कत उन लोगों को हुई, जिन्हें पांच सौ रुपए से कम का पैट्रोल या डीजल डलवाना था और उनके पास पांच सौ या एक हजार का नोट था। सैक्टर-21 के पैट्रोल पंप के कर्मचारियों के पास सौ-सौ रुपए के नोट खत्म हो चुके थे। यहां पांच सौ रुपए और एक हजार रुपए से कम का पैट्रोल-डीजल डालने से इंकार कर दिया गया। पंप के मैनेजर का कहना था कि सौ-सौ के जितने नोट थे, खत्म हो गए। अब यदि कोई पांच सौ का नोट देकर उससे कम का पैट्रोल-डीजल मांग रहा है तो उसे खुले पैसे नहीं दे सकते। इसलिए सिर्फ पांच सौ अथवा एक हजार का पैट्रोल-डीजल डाला जा रहा है।

आज कैसे करेंगे गुजारा, चिंतन के साथ चिंता :
लोगों की यह भी बड़ी चिंता है कि बुधवार को कैसे रोजमर्रा की वस्तुएं खरीदेंगे। बुधवार को कोई पांच सौ या एक हजार का नोट नहीं लेगा। बैंक भी बुधवार को पब्लिक डीलिंग के लिए बंद रहेंगे। अधिकांश ए.टी.एम. में सौ-सौ के नोट खत्म हो चुके हैं। जिन लोगों के पास सौ-सौ के नोट नहीं हैं, उन्हें दूध, ब्रैड, मक्खन, सब्जी आदि रोजमर्रा की वस्तुओं की जरूरत पड़ी और दुकानदार ने पांच सौ या एक हजार रुपए का नोट नहीं लिया तो वह क्या करेंगे।

नेताओं के बोल :
भ्रष्टाचार व कालेधन पर मोदी की सर्जिकल स्ट्राइक : टंडन
पांच सौ और एक हजार रुपए के नोट बंद किए जाने के मोदी सरकार के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया में चंडीगढ़ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अबकी बार कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ यह सर्जिकल स्ट्राइक की है। इससे देश के हर ईमानदार नागरिक का सीना 56 इंच का हो गया है। टंडन ने कहा कि इस साहसिक फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार बधाई की पात्र है।

काले धन के खिलाफ सार्थक लड़ाई हो : छाबड़ा 
चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने इस मुद्दे पर कहा कि काले धन के खिलाफ सार्थक लड़ाई होनी चाहिए। पांच सौ और एक हजार रुपए के नोट बंद किए जाने के मोदी सरकार के ताजा फैसले से छोटे व्यापारियों और आम जनता को कठनाई होगी। छाबड़ा ने कहा कि 2000 रुपए के नोट जारी किए जाने से कालाधन धारकों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि विदेशों से काला धन लाने के वायदे में फ्लॉप होने के बाद मोदी सरकार के इस फैसले से आम जनता में अफरा-तफरी का माहौल है।

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