10 बच्चे पैदा करे हिन्दू, तब बचेगा धर्म- वासुदेवानंद
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लखनऊ। बीजेपी सांसद साक्षी महाराज की सियासत से निकली हिंदुओं को चार बच्चे पैदा करने की नसीहत अब दस बच्चों तक पहुंच चुकी है। अब इस नसीहत की होड़ में शंकराचार्य वासुदेवानंद भी जोर शोर से उतर चुके हैं। एक निजी चैनल से खास बातचीत करते हुए शंकराचार्य वासुदेवानंद ने एक बार फिर 10 बच्चों की ललकार दुहराई। वासुदेवानंद ने कहा कि हिंदू धर्म को बचाना है तो हिंदुओं को कम से कम दस बच्चे पैदा करने चाहिए।
अब सरकार भले ही दो बच्चे ही अच्छे की गुहार लगाती रहे, लेकिन शंकराचार्य जैसे कई और साधु संत हैं जो हिंदुओं के ज्यादा बच्चे पैदा करने के पक्ष में हैं, लखनऊ में हुए वीएचपी के महासम्मेलन से भी ऐसी ही आवाज आई। जहां संत कन्हईया दास ने कहा था कि हिंदू धर्म को बचाना है तो आठ बच्चे पैदा करो।
जाहिर है बीजेपी सांसद साक्षी महाराज की नसीहत अब तेजी से आगे बढ़ रही है। लेकिन सवाल ये है कि क्या सभी संत इसपर एकमत हैं। माघ मेले में सनातन धर्म संसद चल रहा है और इस धर्म संसद से पहले शंकराचार्य स्वरुपानंद सरस्वती ने बच्चे पैदा करने की ऐसी टेढ़ी नसीहतों पर सख्त ऐतराज जताया।
माघ मेले में चल रही संतों की धर्म संसद में केंद्रीय मंत्री उमा भारती भी पहुंची थी। तो सवाल उनके भी सामने था, क्या वो शंकराचार्य वासुदेवानंद की 10 बच्चे पैदा करने की राय से सहमत हैं। उमा भारती ने इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया।
केंद्रीय मंत्री उमा भारती भले ही इस पचड़े में नहीं पड़ना चाहती हों, लेकिन उनकी पार्टी से सद्भावना रखने वाली संस्थाएं और संत जिस तरह से इस मुद्दे को जोर शोर से उठा रहे हैं वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के पहिए को किसी और तरफ ही खींचता दिखाई दे रहा है।

