विदेश में लाखों की नौकरी छोड़ बन गया सरपंच
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नागौर। शानदार करियर और बड़ी तनख्वाह के लिए हमारे देश के युवा विदेश जाने का सपना देखते हैं, लेकिन राजस्थान के नागौर में एक युवा ने अलग ही नजीर पेश की है। लाखों की नौकरी छोड़कर नागौर के हनुमान ने अपने गांव की सेवा के लिए सरपंच का चुनाव लड़ा और बन गया सरपंच। अब अपने पिछड़े गांव की तकदीर बदलना ही उसका मकसद है।
हनुमान ने सिंगापुर में होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई की थी। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया में बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की पढ़ाई की और ऑस्ट्रेलिया के एक बड़े रिजॉर्ट में मैनेजर की नौकरी करने लगे। लाखों की कमाई के साथ हनुमान जिंदगी का लुत्फ उठा रहे थे। उनके बड़े भाई भी लंदन में डॉक्टर हैं। ऐसे में जब राजस्थान सरकार ने सरपंच के लिए शिक्षित होने का नियम लागू किया तो गांव को हनुमान में ही अपना भविष्य दिखा। गांव का प्रस्ताव हनुमान ठुकरा नहीं पाए।
हनुमान अब अपने गांव को फ्लोराइड के पानी से निजात दिलाना चाहते हैं। खेती में सुधार के लिए कृषि विश्वविद्यालयों से मदद लेना चाहता है। उसका मानना है कि गांव के विकास के लिए पढ़े-लिखे नौजवानों को आगे आना होगा। पिछले पंचायत चुनाव में राजस्थान के ही टोंक जिले में छवि राजावात मल्टी नेशनल कंपनी की नौकरी छोड़कर सरपंच बनी थीं। अब ऐसे नौजवानों में हनुमान का नाम भी शुमार हो गया है।

