मौसम की मार से किसानों की आफत
https://husainijnp.blogspot.com/2015/01/blog-post_4.html
जौनपुर। मौसम की मार से किसान बेहाल है। फल फूल
आलू और सब्ज़ी की खेती करने वाले किसान ठण्ड के मौसम में चिन्तित हैं। क्योकि कोहरा और पाला जुल्म ढाने लगा है। जिससे
उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। जबकि आलू की फसल में झुलसा रोग लगने की आशंका बढ़
गयी है। दिन में बिजली न मिलने से उन्हे रात में सिचाई करनी पड़ रही है और वे बीमार
हो रहे हैं।
सर्द मौसम के चलते कोहरे व पाले के प्रभाव से
मटर ,पत्ता गोभी, बैगन, आदि सव्जियां
अकड़ने लगी हैं। इन सव्जियों की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ ही इनके आकार पर
मौसम के तेवर ग्रहण लगा रहे हैं। जिससे इनकी उत्पादकता पर विपरीत असर पड़ रहा है।
जिससे सव्जी पैदा करने वाले किसानों में परेशानी दिखाई दे रही है। इसके अलावा फलों
में अमरूद और केला आदि पर भी विपरीत असर पड़ने लगा है। कृषि क्षेत्र्ा के जानकारों
ने आलू को झुलसा रोग से बचाने के लिए प्रचलित प्रमाणित किस्म की दवाओं का मानक के
अनुसार छिड़काव की सलाह दी है। वहीं अन्य सव्जियों के लिए सिचाई आदि के माध्यम आदि
से बचाव करने की बात कही है। जिले के बड़े क्षेत्रफल में किसानों द्वारा मटर,
गोभी,
टमाटर,
मिर्च,
बैगन
आदि का उत्पादन किया जा रहा है। आलू में झुलसा रोग लगने का प्रमुख कारण मौसम
में कोहरा व पाला होता है। बदली छाये रहने
पर व बूंदाबादी होने पर आलू सरसों में झुलसा रोग लगने लगता है। ऐसे में किसानों को
सजग रहकर इस ओर विशेष जानकारी कृषि विज्ञान केन्द्र से लेनी चाहिए। मौसम के तेवर
तीखे होने से सव्जियों की उत्पादन मात्रा में विपरीत असर पड़ रहा है। इसके बावजूद
कृषि विभाग द्वारा किसानों को जागरूक करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है।

