ठण्ड से मरने को मजबूर हैं गरीब
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सदर तहसील में कम्बल की आस में बैठी महिलायें।
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जौनपुर। आसमान में कोहरे व बादलों की चादर एंव
सूर्य देव का बादलों में में छिप जाने के चलते तापमान में आयी गिरावट के परिणाम
स्वरूप ठण्ड में जबरजस्त गलन से शीतलहर बढ़ गयी है। पारा भी लुढ़क कर नीचे पहुंच गया हैं । इससे
बचाव के लिए सरकारी व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है। ठण्ड से मरने वालों की
संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। लेकिन जिला प्रशासन है कि इसे मानने को तैयार
नहीं है। श्रमिक वर्ग के समक्ष रोटी का संकट उत्पन्न होता जा रहा है तो प्रशासन के
लोग कागजी बाजीगरी का खेल करके अपनी पीठ थपथपाने में मस्त है। गरीब महिलायें तहसील
का चक्कर लगा रही है । और घण्टो आकर बैठी रहती है। वे इस कड़ाके की ठण्ड में कांपने को
मजबूर है। जहां तक अलाव जलाने का प्रश्न है
लकड़ी तो क्रय हुई कहां जली यह तो प्रशासन ही जाने। सार्वजनिक स्थलों पर
कागज में जलाये जाने का दावा तो हो रहा है लेकिन दिखता कहीं नहीं है। प्रशासन की लापरवाही खुलकर सामने दुष्टिगोचर
हो रही है और गरीब श्रमिक मरने को मजबूर हैं साथ ही जन जीवन पूरी तरह से
अस्तव्यस्त हो चुका है।

