जौनपुर में धड़ल्ले से चल रहा अवैध शराब का धन्धा
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जौनपुर। जनपद में अवैध शराब के खिलाफ चलाया जा
रहा है जिसमें छोटे और मामूली लोगों की गिरफ्तारी की जा रही है लेकिन बड़े और असली
शराब माफियाओं पर शिकन्जा नहीं कसा जा रहा है। जिले में अवैध शराब का कारोबार काफी
विस्तार ले चुका है। इसकी असली जड़ तक पहुचना पुलिस के लिए मुश्किल काम है। ग्रामीण
इलाकों में कच्ची और नकली शराब लोगों के सेहत का सत्यानाश कर रही है और मौत की नीद
भी सुला रही है तो शहरी इलाकों में तस्करी कर लायी जा रही शराब राजस्व को नुकसान
पहुंचा रही है। रोज कमाने वालों के लिए मंहगी शराब खरीदना शायद मुमकिन नहीं।
मजदूरों की शराब का लत का फायदा अवैध शराब बनाने वाले उठाते हैं। घातक केमिकल,
यूरिया
और अन्य रसायनों से शराब बनायी जाती है। कभी कभी गांव के बाग में भी अवैध शराब
बेची जाती है। अगर कभी छापेमारी के दौरान अवैध शराब पकड़ी गयी तो पुलिस व आबकारी
विभाग उसे गुडवर्क मानकर खामोश बैठ जाती है। इस बात का पता लगाने की कोशिश नहीं की
जाती असल में शराब कहां से बनायी जाती है और कौन कौन लोग इस धन्धे में शामिल है।
यह हाल है ग्रामीण इलाकों में अवैध व नकली शराब का जबकि शहरी इलाकों में तस्करी कर
लायी जा रही अंग्रजी शराब राजस्व को लाखों का नुकसान पहुंचा रही है अन्य प्रदेशों
में बनी अंग्रेजी शराब की कीमत काफी कम है। शराब तसकर प्रायः गैर राज्यों से
अंग्रेजी शराब तसकरी कर यहां लाकर बेचवाते है। इसमें पुलिस का हिस्सा भी ईमानदारी
से दिया जाता है। अंग्रेजी शराब की तीब्रता बढ़ाने के लिए केमिकल मिलाकर इसे बेचा
जाता है। सूत्रों का कहना है कि जिले भर में गांव गांव में अवैध शराब का कारोबार
पुलिस की शह पर बेधड़क चल रहा है । तस्कर मालामाल हो रहे हैं और पुलिस की जेग भी भर
रही है।

