राष्ट्रपति शासन की ओर जम्मू-कश्मीर
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नई दिल्ली। कार्यवाहक सीएम उमर अब्दुल्ला के एक दांव से जम्मू सरकार में नई सरकार गठन की संभावना धूमिल पड़ने लगी हैं। इसके चले राज्य में राष्ट्रपति शासन के आसार दिखने लगे हैं। आज राज्यपाल एनएन वोहरा ने अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंप दी है। वोहरा ने कई सुझाव भेजे हैं। इनमें से एक सिफारिश राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की भी है।
जम्मू कश्मीर में काफी दिनों से सरकार बनाने की कवायद के बीच एक नया मोड़ आ गया है। दरअसल, उमर अब्दुल्ला के कार्यवाहक सीएम के पद से इस्तीफा दिए जाने की अटकलों के बाद राष्ट्रपति शासन के आसार पैदा हो गए हैं। उमर अब्दुल्ला ने राज्यपाल से मिलकर केयर टेकर सीएम पद छोड़ने की पेशकश की। उनका इस्तीफा स्वीकार होते ही राज्य में गवर्नर रुल लागू हो जाएगा।
आज उमर अब्दुल्ला और राज्यपाल दोनों ही दिल्ली में थे और यहीं उमर ने राज्यपाल से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उमर ने ट्वीट किया- मैंने आज राज्यपाल से मुलाकात की और मैंने उनसे केयरटेकर सीएम पद से मुक्त करने की गुजारिश की। मुझे उम्मीद है कि सरकार का गठन कुछ दिनों में हो जाएगा।
उधर, बीजेपी-पीडीपी की सरकार बनने में भी कम पेंच नहीं हैं। दोनों के बीच बातचीत का दौर चल रहा है। लेकिन अलगाववादी पीडीपी के बीजेपी के साथ जाने से खुश नहीं हैं। ऐसे में देखना है की पीडीपी का इस पर क्या रुख रहता है। वहीं सूत्रों के मुताबिक 14 जनवरी के बाद मुफ्ती मोहम्मद सईद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर सकते हैं।

