जम्मू कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू
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जम्मू कश्मीर में राज्यपाल शासन पर मुहर लग गई है। इससे पहले वहां के राज्यपाल एनएन वोहरा ने प्रदेश में राज्यपाल शासन की सिफारिश की। राज्य में किसी पार्टी द्वारा अभी तक सरकार बनाने के बाबत फैसला न ले पाने की वजह से यह कदम उठाना पड़ा है। इसके अलावा उमर अब्दुल्ला द्वारा कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने से इन्कार करना भी इस फैसले को लेने की एक वजह बनी है।
सूत्रों के मुताबिक वोहरा ने गृह मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात कर अब्दुल्ला का एक पत्र भी सौंपा, जिसमें उन्होंने कार्यवाहक मुख्यमंत्री का पद छोड़ने की इच्छा जताई है। गौरतलब है कि उमर अब्दुल्ला ने राज्य में सरकार गठन को लेकर हो रही देरी को कारण बताते हुए कार्यवाहक मुख्यमंत्री के पद पर बने रहने से इन्कार कर दिया है।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है। 87 सीटों वाली जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पीडीपी 28 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है, इसके बाद बीजेपी के पास 25 सीटें हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस के पास 15, कांग्रेस की 12 और अन्य की 7 सीटें हैं। चुनाव नतीजे आने के बाद गठबंधन को लेकर कई बार अलग-अलग खबरें आईं, लेकिन अब तक सरकार बनाने को लेकर कोई स्पष्ट फॉर्मूला तय नहीं हो पाया।

