गोमती प्रदूषण मुक्त होना जरूरी: ओलमा कौसिल
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जौनपुर। गोमती नदी केा प्रदूषण मुक्त कराने तथा धर्म के नाम
पर भड़काऊ बयानबाजी करे वाले कट्टरपंथी नेताओं को चिन्हित कर कानूनी कार्यवाही करने
की मांग को लेकर राष्ट्रीय ओलमा कौसिल ने जिला मुख्यालय पर मंगलवार को धरना दिया तथा
प्रधानमंत्री को सम्बोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौपा। सभा को सम्बोधित
करते हुए मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष डा0 निजामुद्दीन खान ने
कहा कि गोमती नदी पीलीभीत जिले के मधोटाण्डा के पास से होते हुए लखीमपुर खीरी, सुल्तानपुर और जौनपुर से वाराणसी के निकट सैदपुर में गंगा में जाकर मिलती है। इसलिये
गोमती की सफाई के बिना गंगा का को स्वच्छ रखना एक स्वप्न के समान है। उन्होने कहा कि
गोमती की अपनी एक धार्मिक व समाजिक विशेषता है। गोमती इतना प्रदूषित हो चुकी है कि
उसका पानी किसी भी कार्य के लायक नहीं रहा। खान ने कहा कि धर्म के नाम पर भड़काऊ भाषण
देने वालों पर एतराज करते हुए कहा कि ऐसी वाणी बोलने वाले चाहे किसी भी धर्म के लोग
हो वे देश भक्त नहीं हो सकते। देश भक्त देश को जोड़ने का काम करता है परन्तु कुछ कट्टर
नेता और संगठन माहौल खराब करने का प्रयन्त कर रहे है। उन्होने सरकार से मांग किया कि
ऐसे लोगों पर तत्काल कार्यवाही की जाय। प्रदेश उपाध्यक्ष अंसार अहमद ने कहा कि सरकारों
के निरंन्तर लापरवाही के कारण गोमती का प्रदूषण खतरनाक स्तर पर है। वह तीन तरह से प्रदूषित
है । चीनी मिल, शराब कारखाने के कचरा तथा शहरों के नालों की गन्दगी से प्रदूषण
बढ़ा है। यदि सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो आने वाले दिनों में विकराल समस्या पैदा होगी। अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष
हस्सान अहमद ने कहा कि गोमती को प्रदूषण मुक्त करने का संकल्प कौसिल ने लिया है। सरकार
ध्यान नहीं देती तो अभी सांकेतिक धरने के बाद चरणबद्ध आन्दोलन चलाया जायेगा। इस अवसर
पर यूथब्रिगेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुक्तदा हुसैन, जावे सिद्दीकी, अािरफ खान, इमरान बंटी,
कमालुद्दीन, अफरोज, फारूक, रेयाज, सोहराब, अब्दुल वहीद,
लाल मोहम्मद, जुल्फेकार, मसूद आदि मौजूद रहे।

