दवा व्यापारियों ने किया धरना प्रदर्शन
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जौनपुर।
फुटकर दवा व्यवसाय में फार्मासिस्ट की अनिवार्यता व आन लाइन की लाइसेन्स की बाध्यता
के विरूद्ध बुधवार को जनपद के दवा व्यवसाइयों ने केमिस्ट एण्ड कास्मेटिक फेलफेयर एशोशिएशन
की अगुवाई में कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री
को सम्बोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौपा। धरना को सम्बोधित करते हुए प्रद्रश अध्यक्ष
विभा शंकर सिंह ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों से दवा व्यवसाय संकट के दौर से गुजर
रहा है। वर्तमान परिस्थितियों में दवा व्यवसाय में फार्मासिस्ट की जरूरत नहीं है। फार्मासिस्ट
की जरूरत को दवा के मैन्यूफैचरिंग प्लाण्ट में होता है। यह अंग्रेजों के जमाने का बनाया
गया नियम व कानून है। जब दवा मिक्चर पुड़िया बनाकर व शीशी में दर जाती थी। इसमें अब
संशोधन की आवश्यकता है। अब कोई भी पढ़ा लिखा व्यक्ति डा0 की पर्ची देखकर दवा निकालकर
दे सकता है। उन्होने कहा कि आन लाइन लाइसेन्स की बाध्यता से प्रदेश की गरीब की दो तिहाई
दुकानें बन्द हो जायेगी। जिससे जीवन रक्षक दवाओं का अभूतपूर्व संकट उत्पन्न हो जायेगा।
उन्होने कहा कि जनहित से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है। सरकार को इस बारे में तत्काल कदम
उठाना चाहिए। उन्होने चेतवानी देते हुए कहा कि यदि सरकार शीघ्र निर्णय नहीं लेती तो
दवा व्यवसाई आन्दोलन के लिए बाध्य होगें। सभा की अध्यक्षता कर रहे व्यापार मण्डल
के प्रदेश सचिव व जिलाध्यक्ष इन्द्रभान सिह इन्दू ने कहा कि फार्मासिस्ट की अनिवार्यता
से दवा व्यवसाय बुरी तरह से प्रभावित होगा । व्यापार मण्डल यह कत्तई बर्दाश्त नहीं करेगा।
दवा व्यापारियों के हितों की रक्षा में व्यापार मण्डल पूरा सहयोग करेगा। सभा को नीरज
श्रीवास्तव , धर्मेन्द्र
श्रीवास्तव , अखिलेश
यादव, राजेन्द्र
निगम, दिलीप
गुप्ता. सुभाष
मौर्य आदि ने सम्बोधित किया। संचालन चेयरमैन महेन्द्र बन्धु ने किया।

