जौनपुर में दबंगो ने एक महिला को उसके 2 बच्चों के साथ ज़िंदा जलाया , नाज़ुक
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जौनपुर में बदमाशों ने एक महिला को उसके दो बच्चों के साथ जिंदा जलाने की कोशिश की। दबंगों ने पहले महिला और उसके दोनों बच्चों को झोपड़ी में बंद कर दिया। उसके बाद तीनों पर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा दी। चीख पुकार मची तो आसपास के लोग के मौके पर पहुंचे और किसी तरह तीनों को बचा जिला अस्पताल पहुंचवाया। इस हैवानियत की खबर मिली तो डीएम और एसपी मयफोर्स अस्पताल पहुंचे और महिला से पूछताछ की। सूत्रों की माने तो अवैध सम्बन्ध के चलते पूरी घटना को अंजाम दिया गया है लेकिन पुलिस इसे आपसी रंजिश बता रही है । चिकित्सकों की मानें तो महिला की जान को खतरा है। वहीं अब तक कोई भी आरोपी पकड़ा नहीं गया है।
जौनपुर में रविवार की रात तीन जिंदगियों पर भरी पड़ गई। सुरेरी थाना के कमरूद्दीनपुर गांव में दबंगों ने जो हैवानियत दिखाई उससे पूरा जिला थर्रा उठा। तीन जिंदा लोगों को मारने के लिए आग के हवाले कर दिया गया। कमरूद्दीनपुर गांव का राजन चैहान रोजी रोटी के लिए मुंबई रहता है। घर में सिर्फ उसकी पत्नी रीता चैहान, सात साल का बेटा किशन और साढ़े तीन साल की बेटी अंशिका रहती है। रीता चैहान का पड़ोस के ही एक युवक से अवैध संबंध चल रहा था। इसी बात को लेकर रीता और उसके पड़ोसियों से रविवार को तूतू मैंमैं हो गई थी। मामला बढ़ा तो दबंगों ने घर में घुसकर रीता चैहान, किशन और अंशिका पर मिट्टी का तेल छिड़कर आग लगा दी। इसके बाद दरवाजा बाहर से बंदकर दिया। आग लगने के बाद तीनों चीखने लगे। आग ने झोपड़े को भी अपनी आगोश में लेना शुरू कर दिया। आग की लपटें और अंदर से चीख पुकार मची तो गांव के लोग सन्न रहे गए। सैकड़ों की तादाद में लोगों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई और तीनों को जिला अस्पताल पहुंचवाया। रीता पचास फीसदी से ज्यादा झुलस चुकी थी जबकि दोनों बच्चे 25 फीसदी तक जल चुके थे। दबंगई का पता आला अधिकारियों को चला तो डीएम और एसपी भी दलबल के साथ जिला अस्पताल पहुंच गए। दोनों रीता से बातचीत की तो रीता ने पूरी आपबीती सुनाई।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी घर छोड़कर फरार हो गए। पुलिस गिरफ्तारी के लिए पहुंची तो उसे भी खाली हाथ ही लौटना पड़ा। वहीं चिकित्सकों ने इलाज के बाद रीता और उसके बच्चों को बर्न वार्ड में भर्ती करवा दिया। चिकित्सको की मानें तो रीता की जान को खतरा बना हुआ है।
इस हैवानियत के बाद पूरे गांव में तनाव फैल गया है। लोगों ने किसी तरह तीनों को बचा तो लिया लेकिन रीता की जान को अब भी खतरा बना हुआ है। वहीं पुलिस जांच में जुट तो गई है लेकिन उसके हाथ अब भी खाली ही हैं।
जौनपुर में रविवार की रात तीन जिंदगियों पर भरी पड़ गई। सुरेरी थाना के कमरूद्दीनपुर गांव में दबंगों ने जो हैवानियत दिखाई उससे पूरा जिला थर्रा उठा। तीन जिंदा लोगों को मारने के लिए आग के हवाले कर दिया गया। कमरूद्दीनपुर गांव का राजन चैहान रोजी रोटी के लिए मुंबई रहता है। घर में सिर्फ उसकी पत्नी रीता चैहान, सात साल का बेटा किशन और साढ़े तीन साल की बेटी अंशिका रहती है। रीता चैहान का पड़ोस के ही एक युवक से अवैध संबंध चल रहा था। इसी बात को लेकर रीता और उसके पड़ोसियों से रविवार को तूतू मैंमैं हो गई थी। मामला बढ़ा तो दबंगों ने घर में घुसकर रीता चैहान, किशन और अंशिका पर मिट्टी का तेल छिड़कर आग लगा दी। इसके बाद दरवाजा बाहर से बंदकर दिया। आग लगने के बाद तीनों चीखने लगे। आग ने झोपड़े को भी अपनी आगोश में लेना शुरू कर दिया। आग की लपटें और अंदर से चीख पुकार मची तो गांव के लोग सन्न रहे गए। सैकड़ों की तादाद में लोगों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई और तीनों को जिला अस्पताल पहुंचवाया। रीता पचास फीसदी से ज्यादा झुलस चुकी थी जबकि दोनों बच्चे 25 फीसदी तक जल चुके थे। दबंगई का पता आला अधिकारियों को चला तो डीएम और एसपी भी दलबल के साथ जिला अस्पताल पहुंच गए। दोनों रीता से बातचीत की तो रीता ने पूरी आपबीती सुनाई।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी घर छोड़कर फरार हो गए। पुलिस गिरफ्तारी के लिए पहुंची तो उसे भी खाली हाथ ही लौटना पड़ा। वहीं चिकित्सकों ने इलाज के बाद रीता और उसके बच्चों को बर्न वार्ड में भर्ती करवा दिया। चिकित्सको की मानें तो रीता की जान को खतरा बना हुआ है।
इस हैवानियत के बाद पूरे गांव में तनाव फैल गया है। लोगों ने किसी तरह तीनों को बचा तो लिया लेकिन रीता की जान को अब भी खतरा बना हुआ है। वहीं पुलिस जांच में जुट तो गई है लेकिन उसके हाथ अब भी खाली ही हैं।

