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छात्र संघ चुनाव :- इलाहाबाद विश्व विद्यालय में हुआ शपथ ग्रहण

राजकुमार
इलाहाबद । इलाहाबाद विश्व विद्यालय के छात्र संघ चुनाव में एबीवीएपी ने जबरदस्त जीत हासिल की है | ​इस चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने अध्यक्ष पद की एक सीट को छोड़कर सभी पांचो सीटो पर कब्जा कर लिया है | इस चुनाव में सपा समर्थित महिला प्रत्याशी ऋचा सिंह अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचित घोषित की गई बाकी सभी पदों पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के प्रत्याशियों ने बाजी मारी है | यहा उपाध्यक्ष पद के लिए एबीवीपी के विक्रांत सिंह महामंत्री पद के लिए सिद्धार्थ सिंह , सांस्क्रतिक सचिव पद के लिए कवी विशाल , उप मंत्री श्रवण जायसवाल विजयी रहे है | इलाहाबद छात्र संघ चुनाव में 88 साल बाद अध्यक्ष पद के लिए कोई महिला प्रत्याशी जीती है | इसके पहले 1927 में एसके नेहरू यहा अध्यक्ष पद के लिए चुनी गई थी। छात्रसंघ चुनाव में जीते सभी प्रत्याशियों को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र संघ भवन की प्राचीर पर शपथ दिलाया गया और साथ ही उनको उनके पद के अनुसार उनका कक्ष भी दिया गया।
इलाहाबद विश्व विद्यालय के छात्र संघ चुनाव होने के बाद आज सभी छात्र नेताओ को शपथ ग्रहण करने के लिए बुलाया गया और सभी नेताओ ने अपने अपने शपथ में इलाहाबद विश्व विद्यालय के अंदर अराजकता जो फैली है उनको ख़त्म करने के लिए कहा और ये भी कहा की अब इस इलाहाबद विश्व विद्यालय में सिर्फ पठन पाठन होगा और कोई भी अराजकता जैसा माहौल नहीं होने दिया जायेगा वही दूसरी तरफ अध्यक्ष पद  जीतने वाली ऋचा सिंह ने कहा की विश्व विधालय में महिलाओ के साथ जो भी होता आया है अब वो नहीं होने दिया जायेगा यहाँ का जो माहौल अराजकता का था इसको भी हम ख़त्म करदेंगे सिर्फ जैसे यहाँ की पढाई थी वैसे ही होगा वैसे तो इलाहाबद विश्व विद्यालय को पूरब का ओक्सपोर्ड कहा जाता था पर इसकी गरिमा धीरे धीरे धूमिल होने लगी थी लेकिन अब उसे फिर से लोग पूरब का ओक्सपोर्ड ही कहेंगे  अध्यक्ष ऋचा सिंह से जब बात किया गया तो उन्होंने बताया की मै यहाँ पढाई करने आई हु लेकिन जब देखा की पढाई जगह अराजकता कालेज परिषर में है तो मैंने भी ठान लिया की इस मौहाल को ख़त्म करने  के लिए महिलाओ को आगे आना ही होगा साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली ऋचा सिंह इलाहाबाद विश्व विधालय की शोध छात्रा है और उनका पारिवारिक बैक ग्राउंड भी ठीक है ऋचा अपने पुरे परिवार की लाड़ली है चार बहन और दो बड़े भाई से भी छोटी है लेकिन कोई राजनितिक मकसद से चुनाव नहीं लड़ी मेरा मकसद सिर्फ महिलाओ की सुरक्षा को लेकर था यही बात बार बार ऋचा सिंह दोहरा रही है पर जो इतिहास में ऋचा  ने नाम दर्ज करवा लिया वो अब विश्वविद्यालय में स्वर्णिम अक्षरो में दर्ज रहेगा। 

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