वाराणसी हिंसा में नया खुलासा, पुलिस ने खुद लगाई गाड़ियों में आग !
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वाराणसी में संतों की प्रतिकार रैली के दौरान हुए बवाल और आगजनी मामले में एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। अब तक पुलिस का कहना था कि इस रैली में भीड़ ने गाड़ियों को आग के हवाले किया था। लेकिन बवाल के दौरान ली गई तस्वीरें कुछ और ही कहानी कह रही हैं। एक अंग्रेजी अखबार के रिपोर्टर द्वारा ली गई तस्वीरों ने यूपी पुलिस की पोल खोल दी है।
इन तस्वीरों से खुलासा हुआ है की खुद पुलिसवालों ने गाड़ियों में आग लगाई और बवाल को बढ़ावा दिया। तस्वीरों में पुलिस वाले गाड़ियों को आग के हवाले करते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। रिपोर्टर संजय गुप्ता ने बताया कि जब सोमवार शाम उपद्रवी गोदौलिया चौराहे से लेकर गिरजाघर चौराहे तक तांडव कर रहे थे। तभी कुछ उपद्रवी गोदौलिया दूध सट्टी के पीछे से पथराव और आग लगाकर बोरी फेंकने लगे | संजय ने कहा कि पुलिस ने जब इन्हें दौड़ाया तो वो भाग गए और वहां गिरी हुई आग लगी बोरी पुलिस के जवानों ने वहां खड़ी बाइक पर रख दी जिससे बाइक जल उठी। संजय ने कहा कि जब मैंने इस पर आपत्ति जताई तो पुलिस के जवान मेरे कैमरे पर यह कहते हुए टूट पड़े कि इसने फोटो ले ली है और मेरा कैमरा छीनकर तोड़ दिया। जब तक एसएसपी आकाश कुलहरि मुझे बचाने पहुंचे तब तक मुझे बुरी तरह पीटा जा चुका था।
एसएसपी की सफाई
वहीं एसएसपी आकाश कुलहरि ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि ये जो दो फोटो वायरल हो रही है उसे गौर से देखिए, उसमें एक फोटों में सड़क पर किसी कपड़े में या सीट पर आग लगी हुई है और उसी में कांस्टेबल का डंडा है। दूसरी फोटो में आग गायब हो गई है और मोटरसाइकिल की सीट पर आग लगी हुई है। अगर आग लगाई होती तो सड़क पर भी आग होती। दो फोटो दिखाने से कहीं साबित नहीं होता कि पुलिस ने आग लगाई है। कंफ्यूजन है पुलिस ने आग बचाई या लगाई और अगर फिर भी कोई सबूत आता है या एक दो कांस्टेबल ने ऐसी कोई हरकत की होगी तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी |

