जालौन में पंचायत चुनाव में शह मात का खेल शुरू
https://husainijnp.blogspot.com/2015/10/blog-post_98.html
संजय गुप्ता
उरई। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए ऊपर स्तर पर चल रहा जोड़
तोड़ नये मोड़ पर पहुंच गया है। इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष
की सीट महिला आरक्षित कर दी
गई है। राज्य सभा सदस्य चंद्रपाल सिंह यादव की
पत्नी ज्ञानवती यादव की
चुर्खी से उम्मीदवारी
की चर्चाएं जबसे शुरू हुई थी तब से यह
अटकलें तेज थी कि उनकी यह पेशकश
अध्यक्ष की कुर्सी पर निगाह जमाकर सामने
आ रही है। लेकिन आज समीकरण बदलते
नजर आये जब चंद्रपाल सिंह के अनुज और निवर्तमान जिला पंचायत
अध्यक्ष शिशुपाल सिंह यादव की पत्नी
उमादेवी के नाम से चुर्खी में नामांकन प्रपत्र
खरीदे गये।
कौन होगा अगला जिला पंचायत अध्यक्ष यह सवाल
स्थानीय संदर्भ में कौन बनेगा करोड़पति जैसा चर्चित हो रहा
है। भले ही अभी अध्यक्ष का चुनाव दूर हो
लेकिन सदस्य पद पर जिस तरह से अप्रत्याशित
उम्मीदवार सामने आ रहे हैं। उससे तरह-तरह के कयासों
को बल मिला है। राज्य सभा सदस्य चंद्रपाल सिंह यादव का
चुर्खी कभी कार्यक्षेत्र नही
रहा। लेकिन जब यह चर्चा फैली कि उनकी
पत्नी ज्ञानवती इस बार चुर्खी
से जिला पंचायत सदस्य की उम्मीदवार
होंगी तो इसे दूर की कौड़ी लाने वाला
कदम माना गया। हालांकि चंद्रपाल सिंह या शिशुपाल सिंह ने
सीधे कभी कोई ऐसी बात
नही कही थी। लेकिन जैसा कि
कहा जाता है कि बिना आग के धुंआ नही उठता।
ज्ञानवती की
उम्मीदवारी की जितनी
जोरो से चर्चाएं उठी थी उससे लोगो को यह
यकीन हो गया था कि कहीं न
कहीं बुंदेलखंड में सपा के सबसे कददावर नेता चंद्रपाल
सिंह ने इस बार अपने गृह जिले में सीधे विसात बिछाने का
फैसला कर लिया है।
लेकिन आज अचानक लोग चैंक पड़े जब शिशुपाल सिंह यादव
की पत्नी की उमादेवी
की ओर से चुर्खी क्षेत्र से नामांकन का पर्चा
खरीदा गया। इस बारे में जब शिशुपाल सिंह से पूंछने
की कोशिश की गई तो सवाल सुन लेने के
बावजूद वे अनसुनी करके चले गये। उधर खबर यह
भी है कि सपा के ही नेता और पूर्व जिला
पंचायत अध्यक्ष आनंद यादव की पत्नी
नीलम के नाम से भी पहाड़गांव निर्वाचन क्षेत्र
से पर्चा-ए-नामजदगी खरीदा गया है। जाहिर है
कि नीलम भी जिला पंचायत अध्यक्ष पद के
लिए मौका मिलने पर दावेदारी पेश कर सकती ह
तोड़ नये मोड़ पर पहुंच गया है। इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष
की सीट महिला आरक्षित कर दी
गई है। राज्य सभा सदस्य चंद्रपाल सिंह यादव की
पत्नी ज्ञानवती यादव की
चुर्खी से उम्मीदवारी
की चर्चाएं जबसे शुरू हुई थी तब से यह
अटकलें तेज थी कि उनकी यह पेशकश
अध्यक्ष की कुर्सी पर निगाह जमाकर सामने
आ रही है। लेकिन आज समीकरण बदलते
नजर आये जब चंद्रपाल सिंह के अनुज और निवर्तमान जिला पंचायत
अध्यक्ष शिशुपाल सिंह यादव की पत्नी
उमादेवी के नाम से चुर्खी में नामांकन प्रपत्र
खरीदे गये।
कौन होगा अगला जिला पंचायत अध्यक्ष यह सवाल
स्थानीय संदर्भ में कौन बनेगा करोड़पति जैसा चर्चित हो रहा
है। भले ही अभी अध्यक्ष का चुनाव दूर हो
लेकिन सदस्य पद पर जिस तरह से अप्रत्याशित
उम्मीदवार सामने आ रहे हैं। उससे तरह-तरह के कयासों
को बल मिला है। राज्य सभा सदस्य चंद्रपाल सिंह यादव का
चुर्खी कभी कार्यक्षेत्र नही
रहा। लेकिन जब यह चर्चा फैली कि उनकी
पत्नी ज्ञानवती इस बार चुर्खी
से जिला पंचायत सदस्य की उम्मीदवार
होंगी तो इसे दूर की कौड़ी लाने वाला
कदम माना गया। हालांकि चंद्रपाल सिंह या शिशुपाल सिंह ने
सीधे कभी कोई ऐसी बात
नही कही थी। लेकिन जैसा कि
कहा जाता है कि बिना आग के धुंआ नही उठता।
ज्ञानवती की
उम्मीदवारी की जितनी
जोरो से चर्चाएं उठी थी उससे लोगो को यह
यकीन हो गया था कि कहीं न
कहीं बुंदेलखंड में सपा के सबसे कददावर नेता चंद्रपाल
सिंह ने इस बार अपने गृह जिले में सीधे विसात बिछाने का
फैसला कर लिया है।
लेकिन आज अचानक लोग चैंक पड़े जब शिशुपाल सिंह यादव
की पत्नी की उमादेवी
की ओर से चुर्खी क्षेत्र से नामांकन का पर्चा
खरीदा गया। इस बारे में जब शिशुपाल सिंह से पूंछने
की कोशिश की गई तो सवाल सुन लेने के
बावजूद वे अनसुनी करके चले गये। उधर खबर यह
भी है कि सपा के ही नेता और पूर्व जिला
पंचायत अध्यक्ष आनंद यादव की पत्नी
नीलम के नाम से भी पहाड़गांव निर्वाचन क्षेत्र
से पर्चा-ए-नामजदगी खरीदा गया है। जाहिर है
कि नीलम भी जिला पंचायत अध्यक्ष पद के
लिए मौका मिलने पर दावेदारी पेश कर सकती ह

