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त्रिस्तरीय पंचायत चुनावी महासमर का बजा बिगुल,प्रत्याशी कर रहे तरह-तरह के प्रलोभन वादे

अजमी रिज़वी 
बाराबंकी। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का महासमर रोचक दौर में पहुंच चुका है। गांवों में ग्राम पंचायत का चुनाव लड़ने वाले बाहुबलियों के द्वारा मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए तरह-तरह के प्रलोभन वादे किये जा रहे हैं। चुनावी महासमर का बिगुल बजने के बाद ग्राम पंचायत पद के उम्मीदवारों ने गांवों में धीरे-धीरे अपनी धमक का अहसास कराना शुरू कर दिया है। सुबह से ही प्रत्याशियों के अपने लाव लश्कर के साथ जन सम्पर्क करने का सिलसिला शुरू कर दिया जाता है। जो देर रात तक चलता रहता है।देर रात्रि में जन सम्पर्क अभियान के दौरान शराबी मतदाताओं को रिझाने के लिए अंगूर की बेटी, गिफ्ट पैक धनलक्ष्मी का जलवा परोसा जा रहा है। जब वे नशे में धुत्त हो जाते हैं। तो वे अपने आकाओं की कदम ताल करते उनकी शान में कशीदे पढ़ते हुए नजर आते हैं। इसका आने वाली पीढ़ी पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है। जो नौनिहालों दारू का स्वाद भी नही चखे हैं। वे भी बल्ले-बल्ले करते हुए नजर रहे हैं। क्या होगा ऐसे नौनिहालों का भविष्य इसका उत्तर कोई नही दे सकता है। एक प्रत्याशी दरवाजे से हटता है तो दूसरा मतदाताओं की चरण बन्दगी करने पहुंच जाता है। दूर से ही प्रत्याशी हाथजोड़ कर नत मस्तक होते हुए अक्सर दिखाई देते हैं। दादा पांय लागी, राम, राम, जै राम जी की आदि अभिवादन करने के पश्चात् अब तक फलां की परधानी देख चुके हो इस बार हमें भी सेवा का मौका दीजिये बस आपका आशीर्वाद चाहिये शिकायत का कोई मौका नही मिलेगा हम हर दम तोहार ख्याल पांच साल तक राखब हमहू तौ देखौ गांवे के आदमी आहन अगर भगवान चाही अबहीं तक तुमका कौनौ प्रधान कालोनी नाही दिहिस, तौ वृद्धा, विधवा, अउर समाज वादी पेंशन मिली आहैै देखौ जब हमार परधानी होई जाई तौ हमार एक वादा नोट करि लियौ हम सबै पूरा करि देखैबै हम अउर लोगन मा नाही आहन कि कहैं कुछ अउर करी कुछ अउर इस प्रकार के लुभावने और कोरे आश्वासन देकर गांवों के मतदाताओं को रिझाने का काम बाहुबलियों के द्वारा किया जा रहा है। जब इससे भी मतदाताओं का दिल नही पसीजता है तो धन लक्ष्मी की असीम अनुकम्पा उन पर बरसती है। और वे उन्ही की खाल में बोलने लगते हैं। तो वहीं महाभारत के किरदार शकुनी किस्म के चतुर सुजान मतदाता जो ग्राम प्रधानों के पिछलग्गू हैं वे मतदाताओं पर पल-पल पैनी नजर रखे हुए हैं। वे खुफिया तरीके से मतदाताओं की गतिविधियों की जानकारी जुटाते हैं कि अमुख मतदाता किस के पक्ष में जा रहा हैं तत्पश्चात् अपने आकाओं से बताते है कि फला-फला मतदाता आपसे कट रहे हैं। ऐसे में उनके  बाहुबली नाते, रिस्तदारों, दोस्तों से उस पर दबाव डलवाते हैं। इस पर भी जब मतदाता नही मानते हैं। तो वे चाणक्य नीति के तहत साम, दाम, दण्ड, भेद जैसे तरह-तरह के हत्थकण्ड़े अपनाते हुए अपने चुनाव में किसी तरह की कोर कसर बाकी नही रखना चाह रहे है। इसी परिपेक्ष्य में अवधनामा संवाददाता ने जब मतदाताओं से उनकी पसन्द के बारे में वार्ता की तो उन्होने अपनी जुबानी कुछ इस तरह से बताया-

कुशल नेतृत्व
ग्राम रसूलपुर निवासी राजित राम यादव ने बताया कि गांव के मुखिया में एक कुशल नेतृत्व करने वाले नेता के सभी गुण विद्यमान होना चाहिये जो अपना विकास कम बल्कि गांव के विकास के लिए योजनाओं का क्रियान्वयन करे जिससे गांव के लोगों का कल्याण हो।
डमी उम्मीदवारों से होशियार
ग्राम भवानीगंज निवासी राम जी गुप्ता ने बताया कि मतदाताओं को डमी प्रत्याशियों से होशियार रहने की आवश्यकता है। क्योंकि ऐसे प्रत्याशी किसी व्यक्ति विशेष के इशारे पर चुनाव लड़ते हैं। ये तो चुनाव जीतते हैं अपने प्रतिद्वन्दी को आसानी के साथ चुनाव जीतने देते हैं। यदि जीत भी जाते हैं। तो ये नाम मात्र के गांव के प्रधान बन जाते हैं मामला 50-50 में हो जाता है।
ईमानदार बात का धनी
ग्राम अमरा देवी निवासी अभय कुमार पाण्डेय बताते हैं कि गांव का मुखिया ईमानदार बात का धनी होना चाहिये जिस पर गांव की जनता विश्वास कर सके उसकी कथनी करनी में कोई फर्क नही होना चाहिये बेईमान धोखेबाज किस्म के लोगों से मतदाताआंे को होशियार रहना चाहिये क्योंकि चुनाव जीतने के बाद ऐसे लोग किसी के नही होते हैं।
कौमी एकता की अद्भुत मिसाल
कस्बा बदोसरायं की बरुहावाली जामा मस्जिद के इमाम हाफिज खलीलुर्रहमान से जब इस सम्बन्ध में पूंछा गया तो उन्होने बताया कि गांव का मुखिया ऐसा हो जो हिन्दू, मुस्लिम सभी धर्मों के लोगों को एकता के सूत्र में पिरोकर कौमी एकता की अद्भुत मिसाल बन जाये गांव का विकास करे लोगों का दुःख दर्द अपना समझे।
कर्मठ एवं संघर्षशील व्यक्तित्व

ग्राम खजुरी निवासी कांग्रेस जिला महासचिव डॉ0 उदय प्रताप सिंह बताते हैं कि गांव का मुखिया कर्मठ एवं संघर्षशील व्यक्तित्व का धनी होना चाहिये जिस पर लोग विश्वास कर सके यदि वह चुनाव में किसी कारण वश पराजित हो जाये तब भी वह गांव के छोटे बड़े काम करवाने का दम रखता हों। साथ ही साथ वह शिक्षित हो जिसकी समाज में मजबूत पकड़ हो।
शराबी जुआरी से होशियार

ग्राम पीठापुर निवासी रंजीत वर्मा बताते हैं कि गांव का विकास आप पर निर्भर करता है। यदि आप ने किसी शराबी जुआरी किस्म के व्यक्ति को अपना मुखिया बना दिया तो गांव विकास के मामले में बहुत पीछे छूट जायेगा। आपका मत बहुमूल्य है। आपके मत पर ही गांव का देश का भविष्य निर्भर करता है। आपके मत से सरकारें बनती हैं। इसलिए आप बिना किसी प्रलोभन के अपना निर्णायक मतदान करें क्योंकि पांच वर्षों के लिए गांव का मुखिया बना देने से गांव के विकास का सारा दारोमदार उसी पर निर्भर करता है। इसलिए सोंच समझकर मतदान करें

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