व्यापारियों से वसूली करने वाले दो कथित आरोपी अरेस्ट
https://husainijnp.blogspot.com/2015/11/blog-post_216.html
अजमी रिज़वी
बाराबंकी। फर्जी क्राइम ब्रांच टीम का सदस्य बताकर व्यापारी से वसूली
करने वाले दो संदिग्ध लोगों को व्यापारियों की मद्द से पकड़ा गया। जिसमें
सतरिख थाना अन्तर्गत नानमऊ निवासी शिवम वर्मा एवं सतरिख निवासी नवीन
जायसवाल पुत्र शिवशंकर जायसवाल शामिल हैं। पुलिस ने मामले को गम्भीरता से
लेते हुये तहकीकात कर रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक सतरिख थाना अन्तर्गत ग्राम मोहम्मदपुर गालहामऊ
निवासी रामसमुझ जिसकी मोबाइल की दुकान मेंहदीपुर चौराहे पर है। जिस दुकान
पर कभी वह स्वयं तो कभी उसका पुत्र रंजीत बैठता है। बुधवार को मोबाइल की
दुकान पर रंजीत बैठा था तभी दो बाइकों पर सवार चार अज्ञात लोग दुकान पर
आये और सिम की मांग की। सिम देखने के बाद उन अज्ञातों ने सिम को नकली
बताकर जेल भेजने की बात कही।
इस पर दुकानदार रंजीत भयभीत हो गया और उसने अपने पिता से बात करने को
कहा। तब उन लोगों ने पैसे की मांग कर अपना मोबाइल नंम्बर दिया और कहा कि
दोपहर तक बाराबंकी पहुंचकर फोन कर लें। रंजीत के पिता रामसमुझ को जब इस
बात की जानकारी हुई तो उन्होने फौरन बाराबंकी पहुंचकर सम्बन्धित व्यक्ति
नवीन को फोन किया। नवीन ने पहले रामसमुझ को स्टेट बैंक के सामने बुलाया
उसके बाद डीआरडीए में मीटिंग का हवाला देकर डीआरडीए बुलाया। जहां काफी
देर इंतजार के बाद जब रामसमुझ की मुलाकात नवीन से नही हो सकी तो पुनः फोन
किया जिस पर नवीन ने पटेल तिराहे पर मुलाकात की बात कही।
पटेल तिराहे पर पहुंचते ही रामसमुझ के साथ मौजूद अधिवक्ताओं एवं अन्य
लोगों ने नवीन व उसके साथी शिवम वर्मा को पकड़ कर नगर कोतवाली लाया गया।
जहां पुलिस ने प्रकरण को गम्भीरता से देखते हुये सतरिख थाना प्रभारी को
कथित आरोपियों की सुपुर्दगी कर दी। जहां पुलिस उन कथित आरोपी नवीन
जायसवाल एवं शिवम वर्मा से तहकीकात कर रही है कि इस पूरे षड़यंत्र में अहम
भूमिका किस व्यक्ति की है
बाराबंकी। फर्जी क्राइम ब्रांच टीम का सदस्य बताकर व्यापारी से वसूली
करने वाले दो संदिग्ध लोगों को व्यापारियों की मद्द से पकड़ा गया। जिसमें
सतरिख थाना अन्तर्गत नानमऊ निवासी शिवम वर्मा एवं सतरिख निवासी नवीन
जायसवाल पुत्र शिवशंकर जायसवाल शामिल हैं। पुलिस ने मामले को गम्भीरता से
लेते हुये तहकीकात कर रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक सतरिख थाना अन्तर्गत ग्राम मोहम्मदपुर गालहामऊ
निवासी रामसमुझ जिसकी मोबाइल की दुकान मेंहदीपुर चौराहे पर है। जिस दुकान
पर कभी वह स्वयं तो कभी उसका पुत्र रंजीत बैठता है। बुधवार को मोबाइल की
दुकान पर रंजीत बैठा था तभी दो बाइकों पर सवार चार अज्ञात लोग दुकान पर
आये और सिम की मांग की। सिम देखने के बाद उन अज्ञातों ने सिम को नकली
बताकर जेल भेजने की बात कही।
इस पर दुकानदार रंजीत भयभीत हो गया और उसने अपने पिता से बात करने को
कहा। तब उन लोगों ने पैसे की मांग कर अपना मोबाइल नंम्बर दिया और कहा कि
दोपहर तक बाराबंकी पहुंचकर फोन कर लें। रंजीत के पिता रामसमुझ को जब इस
बात की जानकारी हुई तो उन्होने फौरन बाराबंकी पहुंचकर सम्बन्धित व्यक्ति
नवीन को फोन किया। नवीन ने पहले रामसमुझ को स्टेट बैंक के सामने बुलाया
उसके बाद डीआरडीए में मीटिंग का हवाला देकर डीआरडीए बुलाया। जहां काफी
देर इंतजार के बाद जब रामसमुझ की मुलाकात नवीन से नही हो सकी तो पुनः फोन
किया जिस पर नवीन ने पटेल तिराहे पर मुलाकात की बात कही।
पटेल तिराहे पर पहुंचते ही रामसमुझ के साथ मौजूद अधिवक्ताओं एवं अन्य
लोगों ने नवीन व उसके साथी शिवम वर्मा को पकड़ कर नगर कोतवाली लाया गया।
जहां पुलिस ने प्रकरण को गम्भीरता से देखते हुये सतरिख थाना प्रभारी को
कथित आरोपियों की सुपुर्दगी कर दी। जहां पुलिस उन कथित आरोपी नवीन
जायसवाल एवं शिवम वर्मा से तहकीकात कर रही है कि इस पूरे षड़यंत्र में अहम
भूमिका किस व्यक्ति की है
