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दादा जी! हमका आपका वोट चाहिये, आपके मत से गांव की तकदीर बदल सकती है

अजमी रिज़वी
 
बाराबंकी। न दारू न नोट हमका दादा जी आपका वोट चाहिये हम
गरीब हैं लेकिन दिल के साफ हैं। आपके मत से गांव की तकदीर बदल सकती है।
चुनाव प्रचार के दौरान एक स्थान पर यह बात अवधनामा संवाददाता को सुनने को
मिली। जहां पर उम्मीदवार पहुंचता है। हाथ जोडकर विनम्र भाव से कहता है कि
दादा जी प्रणाम हम गरीब आदमी हैं हमारे पास दारू और नोट नही है। हमको
आपके आशीर्वाद की जरूरत है। यह कहकर वह विनम्र हो जाता है। कहता है कि हम
कोरे आश्वासन देने वाले लोगों में से नही हैं। हम तौ आपके बीच के आदमी
हैं। जब समय पलट जायेगा तो हम बता देगें की गांव की प्रधानी कैसे की जाती
है। इस पर मतदाता उसकी खिल्ली उड़ाने लगते हैं। महाशय टीका टिप्पणी करते
हुए कह उठते हैं कि चुनाव तो बाहुबलियों का होता है। इसमें अकूत धन की
आवश्यकता होती है। कहीं बिना धन के चुनाव जीता जाता है। क्यों अपनी
बरबादी की इबारत लिखने चुनावी महासमर के मैदान में आ टपके उसके मुखार
बिन्दु से ऐसे शब्द निकलते ही उसकी आंखों से आंसू निकल आते हैं। वह वहां
से निराश होकर चला जाता है। तत्पश्चात् दूसरे महाशय का पदार्पण होता है।
शराबी व लालची किस्म के मतदाताओं के चेहरे खिल उठते हैं। अपनी मुह मांगी
सौगात को पा करके वे बल्ले-बल्ले करते हुए उसके पक्ष मंे कदम ताल करते
नजर आने लगते हैें। यह सिलसिला सुबह से शुरू हो जाता है और देर रात तक
चलता रहता है। एक प्रत्याशी हटता है तो दूसरा मतदाताओं की चरण बन्दगी
करने पहुंच जाता है। ग्राम पंचायत मुखिया चुने जाने के सम्बन्ध में जब
अवधनामा संवाददाता द्वारा मतदाताओं से उनकी पसन्द के बारे में उनकी राय
पूंछी गयी तो मतदाताओं ने कुछ इस प्रकार से अपनी पसन्द बताया-

लोकप्रिय व ईमानदार छवि


राजू सिंह बताते हैं कि गांव का मुखिया लोकप्रिय व ईमानदार छबि वाला होना
चाहिये जिसकी समाज में प्रतिष्ठा व मजबूत पकड़ हो जो पक्के इरादे वाला हो
जो गरीब तबके के लोगों के हितों को ध्यान में रखकर योजनाओं का
क्रियान्वयन करके गांव का सर्वतोन्मुखी विकास कर सके।
 
सेक्यूलर मिजाज

कस्बा बदोसरायं बीएसपी सेक्टर महासचिव मो0 सईद वारसी ने बताया कि गांव का
मुखिया सेक्यूलर मिजाज का होना चाहिये जो जाति वर्ग विशेष की खाई को पाट
कर सभी लोगों को एक साथ लेकर चलने वाला हो। जो अपना विकास न करके गांव के
हितों के लिए सदैव तत्पर रहे और गांव का विकास कर सके।

जुआरी शराबी न हो
 
मो0 शकील का कहना है कि गांव का मुखिया जुआरी व शराबी नही होना चाहिये
क्योंकि उसी पर ही गांव का विकास निर्भर करता है। यदि आपने ऐसे लोगों को
अपना मुखिया चुन लिया तो गांव विकास के मामले में बहुत पीछे छूट जायेगा।

परोपकारी एवं दूरदर्शी
 
कस्बा बदोसरायं निवासी अब्दुल वारिस बताते हैं कि गांव का मुखिया
परोपकारी एवं दूरदर्शी होना चाहिये कि उसके द्वारा उठाये गये कदम से
लोगों को लाभ होगा अथवा हानि उठानी पड़ेगी इन सभी बातों को ध्यान में रखकर
योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाय जिसका लोगों पर अधिभार न पड़े।
 
साक्षर व चरित्रवान

ग्राम बरौलिया निवासी शहाब अख्तर खान बताते हैं कि गांव का मुखिया साक्षर
व चरित्रवान होना चाहिये जिससे उसे किसी की बैशाखी न बनना पड़े नही तो
गांव विकास के मामले में पीछे रह जायेगा क्योंकि साक्षर मनुष्य को किसी
दूसरे पर निर्भर नही रहना पड़ेगा।

किसी प्रलोभन में न आयें


ग्राम टिकुरी निवासी मनमोहन रावत बताते हैं कि आप किसी लालच व प्रलोभन
में न आयें मतदान आपका संवैधानिक अधिकार है। आपका निर्णायक मत गांव के
विकास की एक नयी इबारत लिख देगा इसलिए सोंच समझ कर ही मतदान किया जाना
चाहिये यदि आप जरा से चूक गये तो समय आपके हाथों से बहुत दूर निकल
जायेगा।

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