पट्टे की खाली पड़ी जमीनों की सुधार में सहायक बना विश्व बैंक - डा. विष्णु
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। पारिजात औद्यौगिक प्रतिष्ठान सफदरगंज में उप्र भूमि सुधार निगम में कार्यरत कार्यकर्ताओं का तीन दिवसीय क्षमता संवर्धन विकास कार्यशाला का आयोजन पारिजात युवक समिति द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संयुक्त प्रबन्ध निदेशक उप्र भूमि सुधार निगम उप्र लखनऊ के डा विष्णु प्रताप सिंह ने कहा कि भूमि सुधार परियोजना देश की पांच बड़ी परियोजनाओं में से तीसरी है। इस कार्यक्रम द्वारा किसानों की पट्टे की खाली पड़ी भूमि को सुधारने का कार्य विश्व बैंक की सहायता से उप्र सरकार स्वयंसेवी संस्थाओं की सहभाविता से कर रही है। संयुक्त प्रबन्ध निदेशक डा0 बीपी सिंह जी ने यह भी बताया कि ऊसर सुधार के साथ साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन कर अल्प बचत द्वारा उनका विकास किया जा रहा है। स्वयं सहायता समूह की विशेषता को बताते हुए कहा कि कुछ ऐसे समूह है जिनकी महिलाओं ने समूह में की गयी बचत से अपनी गिरवी पड़़ी जमीन को साहुकार से छुड़ा कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रही है। कार्यशाला के आयोजक पूर्व एमएलसी रामनरेश रावत ने बताया कि यह एक ऐसी संस्था है जिसका निर्माण 32 प्रबन्ध कमेटी के सदस्यों के सहयोग से बनाई गयी है। इसमें 216 सदस्य है जोकि अपनी शिक्षा छोड़ कर खेती किसानी में लगे हुए सदस्यों की शिक्षा को बढ़ाने का कार्य श्री रावत के मोटिवेशन से किया गया है। अब संस्था के बहुत से सदस्यों ने स्नातक एवं परास्नातक शिक्षा अर्जित कर विभिन्न परियोजनाआंे मे ंकार्य कर रहे है। पारिजातियों युवक समिति सामाजिक आर्थिक शैक्षिक संास्कृतिक विकास पर निरन्तर कार्य कर रहे है और आये हुए अतिथियों को यह भी जानकारी दी गयी संस्था यूनी सेफ, सिफ्सा, शिक्षा विभाग कृषि विभाग,एड्स जागरूक्ता जैसी बड़ी परियोजनाओं में कार्यरक अपना कीर्तिमान अर्जित किया है। कार्यक्रम का संचालक जिला संमन्वय सुशील कुमार ने किया। कार्यक्रम में उपस्थित परियोजना प्रबन्धक भूमि सुधार निगम रायबरेली के एके तिवारी, यूनियन बैंक के प्रबन्धक, पीके श्रीवास्तव, कृषि वैज्ञानिक रामसरन वर्मा, बच्चा सिंह, महेन्द्र सिंह, राम शंकर रावत, जगत जीत सिंह आदि ने अपने अपने विचार व्यक्त कियें।
