जानवरों में भी मारेफते हक होती है: मौलाना रजा
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। मां अपने बेटे के हक में दुआ करती है तो उस मां की दुआ अल्लाह रद्द नही करता है। मौलाना गुलाम अस्करी हाल में जहीर किदवाई द्वारा मजलिस आयोजित में दिल्ली से आये मौलाना अली अब्बास खां ने कही। मौलाना ने आगे कहा कि अगर इंसान अल्लाह से दिल से दुआ मांगता है तो अल्लाह तुम्हारी दुआ पूरी करता है। लेकिन शर्त यह है कि तुम पहले अपने पड़ोसी के लिये पहले दुआ मांगो बाद में अपने लिये। इससे अल्लाह खुश होता है। मौलाना ने आगे कहा कि दूसरों को तकलीफ न दो इससे तुम्हारे गुनाह को बढ़ावा मिलता है और हो सके तो गुनाहों से बचे रहो। मौलाना ने कर्बला के दर्दनाक मसायब बयान किये। जिसे सुनकर अजादार रो पड़े। वहीं दूसरी मजलिस बीती रात लाइनपुरवा मरहूम अली शब्बर के अजाखाने में अशराये की आठवीं मजलिस को मौलाना रजा ने खिताब करते हुये कहा कि जनाबे इब्राहिम को जलाने के लिये लकड़ियो का पहाड़ बनाया गया है। एक इंसान को जलाने के लिये लकड़ी का पहाड़ बनाने का मकशद सिर्फ दहशत फैलाना था। लेकिन जनाबे इब्राहिम ने हक से मुंह नही मोड़ा। जलती हुई आग को बुझाने के लिये कुछ जानवरों ने भी कोशिश की। जो कि मारेफते हक का मुजाहिरा था। इसी तरह आज भी नमरुदियत दहशत फैलाने के लिये पूरी दुनिया में आग लगाना चाहती है। लेकिन हक की मारेफत रखने वाले लोग कभी भी उनकी इस नमरुदियत व यजीदियत का डट कर करते रहो। मौलाना ने आगे कहा कि अगर एक इंसान को नुकसान होता तो पूरी इंसानियत को बेचैन होना चाहिये। इससे इंसान की तालीम का पता चलता है। इमाम हुसैन ने अपने एखलाक से पूरी इंसानियत को बचाया था। अन्त में मौलाना ने कर्बला के दर्दनाक मसायब बयान किये। जिसे सुनकर अजादार रो पड़े। इसी अजाखाने में आज दोपहर तीन बजे अशराये की आखिरी मजलिस को मदरसा नाजमियां लखनऊ के प्रोफेसर मौलाना आगा अली खिताब करेंगे। मजलिस के बाद अलम, ताबूत व जुलजनाह का जुलूस निकाला जायेगा। जो देवा रोड होता हुआ मौलाना गुलाम अस्करी हाल में समाप्त होगा। जुलूस में लखनऊ की मशहूर अन्जुमन नोहाख्वानी व सीनाजनी करेगी।
