बाराबंकी में सम्पन्न हुआ राणी सती की दशम् मंगल महोत्सव
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। श्री राणी सती दादी जी सेवक मण्डल बाराबंकी के द्वारा आयोजित दशम मंगल महोत्सव आज आस्था, भावना व दादी भक्तों के समर्पण के बीच आल्हादित आनंदमय वातवरण में सम्पन्न हुआ। कलश यात्रा व भण्डारा के साथ ही चारो धाम में सजा श्री राणी सती के दरबार का दर्शन कर भक्त आत्मविभोर हो गये। जबकि मुम्बई की डिम्पल अग्रवाल, कोलकाता के रूपम व शुभम तथा पटना के गिन्नी कौर व दिल्ली के अजय तुलस्यान की भेंटो ने दादी जी के लाडले लालों की सुध-बुध खो दी।
बाराबंकी की सरजमीं पर एक बार फिर झुंझुनू वाली दादी जी की कृपा बरसती नजर आयी। श्री राणी सती सेवक मण्डल बाराबंकी द्वारा आयोजित भव्य कार्यक्रम की शुरूआत आज मंगल कलश शोभा यात्रा के साथ हुई। पूर्व घोषित समय के अनुसार दिल्ली से लाया गया विग्रह एक रथ पर सुशोभित किया गया। इसके उपरान्त भक्तजन दादी जी के जयकारे लगाते हुए चल पड़े। बालिका इण्टर कालेज में सैकड़ों महिलायें एक ही पोशाक में सिर पर लाल चुनरी से सजा कलश धारण किये हुए थी। प्रारम्भ हुई कलश शोभा यात्रा। एक बारगी तो दादी भक्तों के जोश के आगे फैजाबाद सड़क मार्ग ठप्प होकर रह गया। कलश यात्रा पर लोग पुष्प वर्षा कर रहे थे। दादी जी के भजन गाये जा रहे थे। चमके थारो तेज जगत में-सारी
दुनिया ध्यारी है। जी हां कुछ ऐसा ही भाव प्रवण दृश्य दिखाई दे रहा था इस दौरान। कलश यात्रा जीआईसी मैदान में बनाये गये भव्य दादी जी के दरबार पर जाकर सम्पन्न हुई। यहां पर विधिवत अखण्ड ज्योति का प्रज्जवलन करके दादी जी के विग्रह को अति आकर्षक ढंग से बनाये गये चारो धाम दरबार में विराजित किया गया। आये हुए विद्वानों ने पूजन अर्चन किया और मंगल महोत्सव प्रारम्भ हो गया।
मुम्बई से आयी हुई डिम्पल अग्रवाल ने श्री गणेश जी की वंदना से मंगल महोत्सव कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। मंगल महोत्सव के दौरान ऐसे अवसर कई बार आये जब मंगल पाठ में बैठी हुईं महिलाआंे व अन्य भक्तजनों की आंखे उसे सुनकर भक्ति के भाव रस में नम हो गईं। मीठी-मीठी
तालियों के साथ दादी जी का बाल रूप हो या फिर उनकी चुनरी का लहराना अथवा मंगल पाठ से जुड़ा हुआ कोई भी दृश्य वह जब भी सामने आया दादी के लाल आनंद से निहाल हो गये। उधर दूसरी ओर दरबार में दादी भक्त पूजन अर्चन कर रहे थे। जबकि अपराह्न बाद दादी जी को भोग लगाकर आम भक्तों के लिए भण्डारे का शुभारम्भ कर दिया गया। उधर दूसरी ओर जब कलश यात्रा बालिका इण्टर कालेज निकली तो वहां मौके पर पहुंचकर प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री अरविन्द सिंह गोप ने दादी जी का पूजन अर्चन भी किया। मंगल महोत्सव शाम तक चला। इस दौरान पूरा पंडाल महिला पुरूष भक्तों से खचाखच भरा नजर आया। जबकि इससे पूर्व दिल्ली से आये हुए कीर्तनकार अजय तुलस्यान ने धोये-धोये
आंगना में पधारो म्हारी दादी जी जैसे कई भजन गाकर दादी के भक्तों के हृदयों को भावों से पुलकित कर दिया। इसके बाद अजय दादी जी की जय करते गये व भक्तों से मोटी सेठानी की जय-जय करवाते गये।
मंगल महोत्सव के बाद बारी आयी कोलकाता से आये हुए कलाकार रूपम व शुभम तथा पटना से आयी गिन्नी कौर की। इन कलाकारों ने ‘‘धरती
पर मैया तेरे मंदिर अनेक हैं लेकिन झुंझुनू का मंदिर लाखों में एक है’’, ‘‘कहता हूं मैया यह सबके सामने आता हूं मैया मैं तुझसे मांगने’’, ‘‘मेहंदी सुरंगी राची जी’’, ‘‘चंदन चोक पुरावां मंगल कलश सजावां जी’’, ‘‘म्हारा प्यारा गजानन आइज्यो’’, ‘‘मेरी नइया चलती है पतवार नहीं दिखती’’, ‘‘छिपा ले मां तू आंचल में बेटा मैं तुम्हारा’’, ‘‘मेहंदी लेकर आये भैया साथ में’’, ‘‘बाटो-बाटो बधाई झुंझुनू वाली घर आयी है’’ जैसे कई भजन व भेंटे दादी भक्तों की आत्मा के तारो को झंकृत कर गये। इधर कलाकारजन एक से बढ़कर एक भेंटे सुना रहे थे उधर दूसरी ओर श्री राणी सती सेवक मण्डल के सदस्य एवं अन्य भक्तजन दादी के दरबार में भाव-विभोर होकर चैतन्य नृत्य कर रहे थे। शायद ही ऐसा कोई भक्त रहा हो जिसके पग विवश होकर श्री राणी सती के दरबार में भक्ति के राग में विलीन होकर ताता थैया करते नजर न आये हों।
आज के आयोजन में सबसे महत्वपूर्ण रहा माता नारायणी का चुनरी उत्सव। इस दौरान भक्तजन पूरे समर्पण के साथ दादी को चुनरी अर्पित करते दिखाई दिये। कहीं दादी की चुनरी लहराई तो कहीं किसी ने आत्मविभूर होकर उसे छू लिया तो मानो वह अपने को ही भूल गया हो। इस मौके पर आलोक अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, राजेन्द्र अग्रवाल, राजेन्द्र बंसल, अजय झुनझुनवाला, शैलेन्द्र अग्रवाल, सुनील झुनझुनवाला, संजय जैन, गोबिन्द अग्रवाल, रमेश पोद्दार, आलोक झुनझुनवाला दिल्ली, आकाश झुनझुनवाला, संजू गोयल, राजू भैया, केके दीक्षित, शिव बहादुर सिंह, आशुतोष अग्रवाल, अनिल कुमार, सुरेश बंका, अरविन्द गुटगुटिया, श्यामू डालमिया, प्रदीप जैन, रविन्द्र अग्रवाल अल्लू, संतोष अग्रवाल, दिलीप कुमार, अनिल अग्रवाल, ऋषि कुमार सहित आदि सैकड़ों दादी भक्त मंगल महोत्सव के सम्पन्न होने तक मौके पर जमे रहे। जबकि इस दौरान जीआईसी मैदान में दादी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी।
