मुलायम सिंह को भी भारी पड़ी मोदी से नजदीकी
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बिहार चुनाव के नतीजे आ गए हैं और जनता ने एक बार फिर प्रदेश में नीतीश कुमार को कमान सौंप दी है। लेकिन महागठबंधन की जीत से जिसे सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है वह और कोई नहीं नेताजी यानि मुलायम सिंह यादव हैं।
खुद ही महागठबंधन का आह्वान करते हुए नीतीश का नाम सीएम पद के लिए आगे करने वाले मुलायम ही ऐनवक्त पर महागठबंधन से अलग हो गए।
आरोप लगाया कि उनकी पार्टी को उसकी हैसियत के मुताबिक सीटें नहीं दी। लालू यादव के रिश्तेदार और जनता परिवार में सहयोगी रहे मुलायम सिंह यादव को ऐन मौके पर जनता परिवार छोड़ना घाटे का सौदा साबित हुआ।
अगर वह जनता परिवार के साथ रहते तो बिहार में समाजवादी पार्टी भी इस जीत में शामिल होती। अब हालत ये हो गयी है कि महागठबंधन से अलग होकर तीसरा मोर्चा बनाने वाली समाजवादी पार्टी के एक भी उम्मीदवार को जीत हासिल नहीं हो सकी है। जबकि इस बार पार्टी ने सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ी थी।
खुद ही महागठबंधन का आह्वान करते हुए नीतीश का नाम सीएम पद के लिए आगे करने वाले मुलायम ही ऐनवक्त पर महागठबंधन से अलग हो गए।
आरोप लगाया कि उनकी पार्टी को उसकी हैसियत के मुताबिक सीटें नहीं दी। लालू यादव के रिश्तेदार और जनता परिवार में सहयोगी रहे मुलायम सिंह यादव को ऐन मौके पर जनता परिवार छोड़ना घाटे का सौदा साबित हुआ।
अगर वह जनता परिवार के साथ रहते तो बिहार में समाजवादी पार्टी भी इस जीत में शामिल होती। अब हालत ये हो गयी है कि महागठबंधन से अलग होकर तीसरा मोर्चा बनाने वाली समाजवादी पार्टी के एक भी उम्मीदवार को जीत हासिल नहीं हो सकी है। जबकि इस बार पार्टी ने सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ी थी।

