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CHC में महीनो डाक्टर रहते है नदारद,मरीज दरदर भटकने को मजबूर

अजमी रिज़वी 

बाराबंकी। लाख दावो के बाद भी ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित स्वास्थ्य केन्द्रो की हालत जस की तस बनी हुई है। महीनो तक डाक्टर के दर्शन नही होते है। मरीज आते है और वापस लौट जाते है। कुछ ऐसा ही सीएचसी सिद्धौर के स्वास्थ्य केन्द्र असन्द्रा में देखने को मिल रहा है। गुरुवार को दोपहर 12 बजे यह प्रतिनिधि जब स्वास्थ्य केन्द्र असन्द्रा पहुंचा तब तक चिकित्सा प्रभारी डाक्टर राजेश कुरील अस्पताल नही पहुंचे थे उनकी कुर्सी खाली पड़ी थी। अस्पताल में फार्मासिस्ट वाईएन उपाध्याय वार्ड ब्वाय हनोमान मौजूद मिले। यहां 3 महीनो से एएनएम की तैनाती होने से प्रसव कार्य पूरी तरह से बन्द है। मौके पर पड़ोसी अकोहरी गांव के 3 लोग डाक्टर की तलाश में अस्पताल में बैठे मिले। पता चला कि यहां फार्मासिस्ट मनमाने ढंग से दवांए बांटता है। डाक्टर की गैर मौजूदगी में आने वाले मरीजो से इलाज के नाम पर अवैध वसूली भी करता है। औषधि कक्ष में दवांए फर्श पर बिखरी पड़ी थी। पूंछने पर पता चला कि जल्दी ही दवांओ की रैक आई है। लेकिन मरीजो को लाल पीली टिकिया के अलावा और कोई दवाएं नही  दी जाती है। चिकित्सक की गैर हाजरी के कारण इस अस्पताल से लोगो का मोह भंग होता जा रहा है। क्षेत्रीय मरीज ऐसे में झोलाछाप डाक्टरो की शरण में जाने को मजबूर है। क्षेत्रीय लोगो ने बताया कि यहां पिछले 3 महीने से प्रसव कार्य बन्द है। एएनएम की तैनाती होने से प्रसव पीड़ित महिला को प्रसव के लिए या तो सिद्धौर या फिर जिलामुख्यालय जाना पड़ता है। साफ सफाई के अभाव में परिसर में झाड़ झंखाड़ उग आए है। इण्डिया मार्का हैण्डपम्प खराब पड़े है।

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