PM व वित्त मंत्री से जीएसटी को सरलीकरण की मांग
https://husainijnp.blogspot.com/2015/11/pm_17.html
जौनपुर। केन्द्र सरकार की ओर से प्रस्तावित जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) में दोहरे कर को लेकर जनपद की अग्रणी संस्था केमिस्ट एण्ड कास्टमेटिक वेलफेयर एसोसिएशन ने आपत्ति जतायी है। जिला इकाई ने जीएसटी के प्रस्तावित टैक्स और नियम पर असहमति जताकर 9 सूत्रीय सुझाव भरे ज्ञापन केंद्र व प्रदेश सरकार को भेजा। प्रधानमंत्री, वित्तमंत्री और मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन में जटिल प्राविधान संशोधित कर सरल बनाने की मांग की गयी है। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित जीएसटी का वेबसाइट पर जो प्रारूप है, वह किसी तरह से देश के 5 करोड़ से अधिक करदाताओं के हित में नहीं है। कर प्रणाली सरल होने से कर जमा बढ़ेगा जबकि जटिल होने पर कर चोरी बढ़ेगी। ज्ञापन में बताया गया कि प्रस्तावित जीएसटी 3 तरह की है जो इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा देगी। वहीं शुद्ध जीएसटी लगने पर व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। पैन आधारित पंजीयन अनिवार्य पर मैनुअल विकल्प खुला रखने का सुझाव दिया। पत्रक में कहा गया कि विद्युत और नेट उपलब्धता हर जगह न होने से आनलाइन भुगतान अनिवार्य न हो। 10 फीसदी से अधिक टैक्स महंगाई व टैक्स चोरी को बढ़ावा देगी, इसलिये 20 फीसदी जीएसटी व रिवाइज रिटर्न समाप्ति से भूल सुधार विकल्प खत्म होगा, अनुचित है। सुझाव यह भी है कि 1 करोड़ कारोबार से व्यापारी 2 से 5 लाख रुपये लाभ कमायेंगे। इतने से विशेषज्ञ की सेवा नहीं ले पायेंगे। इस आशय की जानकारी देते हुये सचिव राजेन्द्र निगम ने बताया कि उनका संगठन दवा व्यवसायियों के हितों को नजरंदाज करने वाले जीएसटी के प्रावधानों का खुलकर विरोध करेगा।

