27 लाख लोगों को दी जायेगी फाइलेरिया की दवा
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। 15 से 20 दिसम्बर तक फाइलेरिया रोग उन्मूलन के उद्देश्य से जिले में लगभग 27 लाख 46 हजार लोगों को फाइलेरिया की दवा दी जायेगी। मुख्य विकास अधिकारी ऋषिरेन्द्र कुमार ने जिले के पत्रकारों के साथ डीआरडीए सभागार में हुई वार्ता के माध्यम से कहा है कि इस राष्ट्रीय कार्यक्रम को सभी लोग सफल बनाये और फाइलेरिया की रोकथाम में अपना सक्रिय सहयोग प्रदान करें। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि फाइलेरिया रोग उन्मूलन के लिए सार्वजनिक दवा सेवन का अभियान चलाया गया है। इसमें 2 वर्ष से कम आयु के बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं और गम्भीर रूप से ग्रसित व्यक्तियों को दवा नहीं खाना है। यह दवा कुछ खाने के बाद ही खाना चाहिए। खाली पेट दवा न खायी जाये। फाइलेरिया की दवा की खुराक वर्ष में 1 बार, लगातार 5-6 साल तक खाने से फाइलेरिया रोग से बचाव हो सकता है। व्यक्ति फाइलेरिया रोग से प्रभावित क्षेत्र में निवास करता है। स्वस्थ रहते हुए भी किसी भी व्यक्ति के शरीर में रोग के परजीवी हो सकते है। मच्छर काटने से व्यक्ति दूसरे को भी रोग के परजीवी से संक्रमित कर सकता है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. रवीन्द्र कुमार ने बताया कि किसी व्यक्ति के रक्त में फाइलेरिया परजीवी है या नहीं इसकी जांच रात में करानी चाहिए। क्योंकि फाइलेरिया रोग के परजीवी रात में ही दिखायी पड़ते है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि डाई ईथाइल कार्बा माजिन दवा फाइलेरिया रोग के लिए सुरक्षित एवं प्रभावकारी है। 15 दिसम्बर से 20 दिसम्बर, 2015 तक फाइलेरिया की दवा और एडबेंडाजाल की टेबलेट खाने के लिए दी जायेगी। इसके लिए 12 हजार 500 सरकारी और गैरसरकारी कार्यकर्ता दवा वितरित करेंगे। 2152 कर्मी पर्यवेक्षण के लिए लगाये गये है। परिवार के हर व्यक्ति को फाइलेरिया की दवा अवश्य लेना है।

