90 लाख की लागत से बनी पानी की टंकी से नही मिल रहा ग्रामीणों को पानी
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अजमी रिज़वी
सिरौलीगौसपुर बाराबंकी। जल ही जीवन है। लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने हेतु कस्बा बदोसरायं में जल निगम विभाग द्वारा करीब 90 लाख रुपये की लागत से बनवायी गयी पानी की टंकी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गयी जिससे ग्रामीणों को एक बूंद पानी भी नसीब नही हुआ। बल्कि सरकार के इस उपक्रम का सारा पैसा पानी में बह गया। कस्बा बदोसरायं में लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जल निगम विभाग द्वारा करीब 90 लाख रुपये की लागत से पानी की टंकी का निर्माण करके वर्ष 2013 में ग्राम पंचायत के सुपुर्द कर दिया गया था। जिससे ग्रामीणों को उक्त टंकी से पानी की एक बूंद भी नही मुहैय्या हो सकी। सरकार का लाखों रुपये का यह उपक्रम भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया । जो वर्तमान समय में शो पीस साबित हो रही है।
शो पीस बनी पानी की टंकी
बाराबंकी। खलीक अहमद बताते हैं कि कस्बा बदोसरायं में लाखों रुपये की लागत से शिरोटछेदीय जल धारा के अन्तर्गत काफी अर्सा पूर्व बनवायी गयी। पानी की टंकी वर्तमान समय में शो पीस साबित हो रही है। विभाग की लचर कार्य प्रणाली के चलते लोगों को पानी की एक बूंद भी नसीब नही हो पायी बल्कि सरकार का यह उपक्रम भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया।
भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी पानी टंकी
बाराबंकी। भाकियू मण्डल उपाध्यक्ष निसार मेंहदी बताते हैं कि ठेकेदार द्वारा टंकी निर्माण के पश्चात् पाइप लाइनों के बिछाने में जम करके अनियमिततायें बरती गयीं घटिया किस्म की पाइप लाइनों को बिछाने के कारण पाइप लाइनें ट्रायल में ही भष्ट हो गयीं जब चालू किया जाता है। तो जगह-जगह पर लीकेज की समस्या के चलते जलभराव की स्थित आ जाती है। इसके सम्बन्ध में उच्चाधिकारियों से शिकायत भी की गयी परन्तु नतीजा शून्य रहा ।
पानी की एक बूंद भी नही हो सकी मुहैय्या
बाराबंकी। मास्टर अश्विनी कुमार यादव बताते हैं कि भारत सरकार ने जनता को सुलभ स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बड़ी आबादी वाले कस्बों में लाखों रुपये की लागत से पानी की टंकी का निर्माण कराया था। जिससे लोगों को टू इण्डिया मार्का हैण्ड पम्पों को लगवाने से छुटकारा मिल जायेगा। परन्तु कस्बा बदोसरायं में जल निगम विभाग द्वारा लगवायी गयी पानी की टंकी निरर्थक ही साबित हो रही है। ग्रामीणों को एक बूंद पानी भी नही नसीब हो सका है।
लोगों की सोंच पर फिरा पानी
बाराबंकी। कस्बा बदोसरायं निवासी राकेश कुमार पाण्डेय बताते हैं कि जब गांव में पानी की टंकी का निर्माण हो रहा था। तो गांव की जनता में खुशी की लहर दौड़ गयी थी । कि शहरों की भांति ग्रामीण जनता को स्वच्छ पेयजल पीने और घरेलू काम काज हेतु के मुहैय्या हो जायेगा। परन्तु टंकी शो पीस होने के चलते लोगों की सोंच पर पानी फिरा हुआ है।
लीकेज की समस्या
बाराबंकी। कस्बा बदोसरायं निवासी अरुण कुमार सिंह (पप्पी) बताते हैं कि पाइप लाइनों को बिछाने में ठेकेदार के द्वारा घटिया किस्म के पाइपों को बिछा दिया गया है। ज्यों ही टंकी चालू की जाती है। लीकेज की समस्या पैदा हो जाती है। सरकार का यह उपक्रम भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है।
ट्रायल में फट रही हैं पाइप लाइनें
बाराबंकी। मो0 आरिफ बताते हैं कि घटिया पाइप लाइनों के बिछाये जाने के चलते ज्यों ही ट्रायल के लिए टंकी चालू की जाती है। त्यों ही पाइप लाइनें जगह-जगह से फट जाती हैं । जिससे जल भराव की स्थित उत्पन्न हो जाती है। जिसका ग्रामीणों को कोई लाभ नही मिल पा रहा है। जिसका आलम यह है कि सरकार की लाखों रुपयें का यह उपक्रम भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया।

