पुलिस ने किया अनिल यादव हत्या का खुलासा
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। बीती पांच सितम्बर को सतरिख थाना अन्तर्गत की गयी अनिल यादव की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मृतक की हत्या शराब के नशे में हुई कहा सुनी व मारपीट के चलते उसके परिचितों व दोस्तों ने बांके से काटकर की थी। पुलिस ने इस संबंध में पांच हत्यारोपियों को जेल भेज दिया है। वहीं दूसरी ओर डीआईजी ने पुलिस टीम को दस हजार एवं कप्तान ने पांच हजार रूपये का पुरूस्कार तथा प्रसस्ति पत्र दिया है।
मिली जानकारी के मुताबिक बीती पांच सितम्बर को ग्राम खालेका पुरवा थाना सतरिख निवासी अनिल यादव पुत्र भगौती प्रसाद की हत्या कर दी गयी थी। अनिल की लाश नहर में फेंक दी गयी थी जिसे बाद में बरामद किया गया। इस संबंध में मृतक के मौसेरे भाई सुशील पुत्र शत्रोहन निवासी सरायंशेख थाना चिनहट जिला लखनऊ ने अज्ञात हत्यारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था। पुलिस कप्तान ने निर्देश देकर एएसपी दक्षिणी सफीक अहमद एवं क्षेत्राधिकारी सदर विशाल विक्रम सिंह के नेतृत्व में इस हत्याकाण्ड के खुलासे के लिए टीम गठित की थी। जिसमें स्वाट प्रभारी जावेद खान, सतरिख थानाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह संेगर, दरोगा मनीष सिंह, का0 सुधीर कुमार सिंह, हसन अफरोज जैदी, इदरीश, विनय उपाध्याय, सर्वेश कुमार, राधेश्याम मौर्य, रजनीश यादव, हफीजुल रहमान व चालक परवेज को शामिल किया गया था। पुलिस टीम ने इस पर बड़े ही सलीके से अपने कदम आगे बढ़ाये और फिर बीती 27 को सवा दस बजे रात को अभियुक्तों को उसने धर दबोचा। प्रेस वार्ता में कप्तान अब्दुल हमीद के मुताबिक ग्राम अम्बौर थाना सफदरगंज निवासी राजेश त्रिवेदी उर्फ गुड्डू पंडित की बहन की मौत हो गयी थी। गुड्डू उसके अन्तिम संस्कार के बाद जब सफेदाबाद क्रासिंग पर अपने साथियों के साथ पहुंचा तो उसे शराब के नशे में अनिल यादव मिल गये। वह जबरदस्ती उनकी बाइक पर बैठ गया और जब वे हासेमऊ नहर की पुलिया पर अपने गांव की ओर मुड़ने लगे तो अनिल ने स्वयं को खाले का पुरवा छोड़ने की जबरदस्ती करनी शुरू कर दी। विरोध करने पर उसने राजेश को पीटा भी। किसी तरह पीछा छुड़ाकर गुड्डू वहां से निकला लेकिन उस पर बदला लेने का भूत सवार हो गया। मुख्य अभियुक्त राजेश त्रिवेदी उर्फ गुड्डू ने हासेमऊ के पूर्व प्रधान अभयराज व देशराज रावत पुत्र भागीरथ, पिन्टा पासी एवं राजेश मौर्य के साथ मिलकर बांके से हमला करके मौथरी माइनर पर पैदल जा रहे अनिल यादव को घेरकर मार डाला तथा उसकी लाश को नहर की झाड़ियों में फंेक दिया। लगभग चार माह बाद हुए इस खुलासे के उपरान्त पकड़े गये अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया है। इसके साथ ही पुलिस ने आलाकत्ल बाका व घटना में प्रयुक्त दो बाइके भी बरामद कर ली हैं।
