पुलिस की कार्यशैली के विरुद्ध कलमकारों ने जताया विरोध
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जैदपुर बाराबंकी। प्रतिबंधित मवेशी के मांस को ग्रामीणों द्वारा पुलिस में कथित आरोपियों के साथ पकड़ाये जाने के दौरान पत्रकारों से स्थानीय पुलिस द्वारा की गयी अभद्रता के विरोध में एक बैठक कस्बे में आयोजित की गयी। बैठक में मौजूद पत्रकारों एवं समाजसेवियों ने एक स्वर में अत्याचार और अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाते हुये पुलिस की कार्यशैली और उसके तानाशाही रवैये के खिलाफ आवाज बुलंद की। इस मौके पर पत्रकार शमीम अंसारी ने बताया कि 10 दिसम्बर को बस बरौली प्रतिबंधित मवेशी का मांस ग्रामीणों द्वारा पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया। उसकी खबर कवरेज करने के लिये जब स्थानीय पत्रकार थाने पहुचा तो उसे फोटो खीचने से रोका गया और अभद्र व्यवहार भी किया गया। जो अमानवीय घटनाक्रम है। वहीं पत्रकार शहाबुददीन सिददीकी ने कहा कि पत्रकारों पर हो रहे जुल्म को अब बर्दाश्त नही किया जायेगा। पत्रकार समाज का आईना है। अगर इसी प्रकार पत्रकारों से अभद्रता होती रहेगी तो जल्द ही एक बडा आन्दोलन भी किया जायेगा। पत्रकार तरन्नुम बेगम ने कहा कि अभियुक्तों का फोटों खीचने पर यदि पुलिस मना करती है तो समाज में उनकी छवि लोगों को कैसे नजर आयेगी। ऐसे में इन अभियुक्तों के हौसले और बुलंद होंगे। पत्रकार अलिमा ने कहा कि पत्रकारों पर पुलिस का रवैया अनुशासनहीन हो गया है। ऐसे में पुलिस की मनमानी और उनके कुशासन का जवाब पत्रकार अपने लेखनी से जरुर देंगे। वरिष्ठ पत्रकार अजमी रिजवी ने कहा कि पुलिस की कार्यशैली दिन प्रतिदिन असहाय नजर आ रही है। जनता यदि किसी कारणवश पुलिस से मद्द के लिये गुहार लगाती है तो बदले में उसे अपमानित होना पड़ता है। जो समाज के लिये घातक है।

