पेंशनर्स दिवस पर जिलाधिकारी ने दिये कड़े निर्देश
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने डीआरडीए सभागार में आयोजित पेंशनर्स दिवस पर कहा कि जिले के अधिकारी और कर्मचारी पूरी संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ पेंशनर्स के प्रकरणों का निस्तारण करें। सेवानिवृत्त कर्मियों को उनके देय के भुगतान में देरी न की जाये। पेंशनर्स के प्रकरणों के समयबद्ध रूप से निस्तारण हेतु वर्ष में नियमित रूप से तिमाही बैठके होगी। उन्होने कहा कि पेंशनर्स आपके भविष्य है। सेवारत एवं सेवानिवृत्त कर्मियों में कोई भेद नहीं है। सेवानिवृत्त होना सरकारी सेवा का एक पड़ाव है। समाज की सेवा का जज्बा सेवानिवृत्त होने के बाद भी जारी रहना चाहिए। उन्होने कहा कि पेंशनर्स के प्रकरणों के निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जायेगी। जिलाधिकारी ने वरिष्ठ कोषाधिकारी दीपक सिंह को निर्देश दिया कि सेवानिवृत्त होने पर किये जाने वाले भुगतान एवं पेंशन प्रकरण के त्वरित निस्तारण हेतु विस्तृत चेकलिस्ट बनाकर सभी कार्यालयाध्यक्षों को भेज दी जाये। कार्यालयाध्यक्षों का यह उत्तरदायित्व होगा कि समयबद्ध रूप से ऐसे प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण हो। अधिकारी सेवानिवृत्त प्रकरणों को स्वयं देखें। उन्होने वरिष्ठ कोषाधिकारी से अपेक्षा की कि जो भी प्रत्यावेदन प्राप्त हुये है, जनवरी तक उनका निस्तारण करा दिया जाये। उन्होने सेवानिवृत्त शिक्षकों के बीमा, क्लेम के शीघ्र भुगतान की कार्यवाही कराने के निर्देश बेसिक शिक्षा अधिकारी को दिये। उन्होने कहा कि त्वरित कार्यवाही कराकर भुगतान सुनिश्चित कराने हेतु वे व्यक्तिगत रूप से इसका लगातार अनुश्रवण करेंगे। शासन द्वारा पेंशनर्स दिवस के आयोजन हेतु लिये गये निर्णय के क्रम में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में पेंशनर्स दिवस का आयोजन डीआरडीए के गांधी सभागार में किया गया जिसमें अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ लगभग 200 पेंशनर उपस्थित थे। बाबूलाल वर्मा, अध्यक्ष सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर एसोसिएशन ने पूरे प्रदेश मंे पेंशनर दिवस के आयोजन पर खुशी जताते हुए सरकार एवं अधिकारियों का आभार प्रकट किया। पेंशनरों के समस्याओं से सम्बन्धित ज्ञापन दिया गया एवं सुझाव भी दिया कि सेवानिवृत्त देयों के निस्तारण के सम्बन्ध में विभागों द्वारा एक पंजिका बनायी जाय जिससे सेवानिवृत्तिक देयों का अनुश्रवण तथा निस्तारण हो जाये। उन्होने पेंशनरों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति की पृथक पंजिका बनाये जाने का सुझाव दिया। रूप नरायन बैसवार, अध्यक्ष सेवानिवृत्त प्राथमिक शिक्षक कल्याण परिषद सेवानिवृत्त शिक्षकों के लम्बित प्रकरणों एवं कठिनाईयों के सम्बन्ध में ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। श्री बैसवार ने कहा परिषदीय, बेसिक शिक्षकों का पेंशन कोषागार में आने से इनका शोषण बन्द हो गया तथा कोषागार की कार्यशैली पर संतोष व्यक्त किया। सामूहिक बीमा के प्रकरणों के निस्तारण हेतु सुझाव दिया कि पेंशन पत्रावलियों के निस्तारण का कार्य जनपद स्तर पर किया जाने से अधिक सुविधा होगी। राजाराम वर्मा, अध्यक्ष सेवानिवृत्त डिप्लोमा इंजिनियर्स कल्याण संघ ने सुझाव दिया कि 80 वर्ष से कम आयु के अधिक पेंशनर हैं अतः अतिरिक्त पेंशन दिये जाने हेतु 65, 70 व 75 वर्ष की आयु निर्धारित किये जाने से अधिक लोगों को इसका लाभ मिलेगा। श्री वर्मा ने यह भी कहा कि पेंशन राशिकरण की गणना 15 वर्ष से घटाकर 12 कर दिया जाय और वरिष्ठ नागरिकों को बसों में निःशुल्क पास आदि की व्यवस्था हो तथा पेंशनरों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाय। वरिष्ठ कोषाधिकारी द्वारा पेंशनर्स की समस्याओं के समाधान के प्रयासों के बारे में अवगत कराया गया। जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ऋषिरेन्द्र कुमार द्वारा साहेब लाल वर्मा आयु 83 वर्ष तथा डा. कृष्णानन्द त्रिवेदी आयु 82 वर्ष को सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी ने उन्हें अंग वस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होने समस्त जनपद स्तरीय समस्याओं का निराकरण आगामी त्रयमासी पेंशन समीक्षा बैठक से पूर्व कराने का आश्वासन दिया।
