हजरत मलामत शाह की दरगाह का मेेला शबाब पर
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। सूफी सन्त हजरत मलामत शाह रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह कस्बा बदोसरायं स्थित मलामत शाह तकिया पर लगने वाला सफर का मेला अपने पूरे शबाब पर पहुंच चुका है। विभिन्न जनपदों से हजारों की संख्या में जायरीनों ने पहुंच कर जियारत करके मिन्नतें मांगी। कस्बा बदोसरायं स्थित हजरत मलामत शाह तकिया पर विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी सूफी सन्त हजरत मलामत शाह रहमतुल्लाह अलैह की यादगार में सफर का मेला शुरू हो गया है। जिसमें बसों द्वारा लगातार जायरीनों के पहुंचने और जियारत करने का सिलसिला चल रहा है। जिसमें गोण्डा, बहराइच, सीतापुर, पखरपुर, लहरपुर, कैशरगंज, जैसे विभिन्न जनपदों से हजारों की संख्या में जायरीन पहुंच कर इबादत करते व मिन्नतें मांग कर अपनी झोली भर रहे हैं। जनपद खीरी लखीमपुर से आये शाबिर अली व जुनेद अहमद बताते हैं कि वे सफर के मेले व इनके सालाना उर्स 8 रविउल अव्वल को आकर अवश्य शिरकत करते हैं बाबा जी के दरबार में उनकी अपार श्रद्धा है। एक बार यहां हाजिरी देने जियारत करने से पूरा साल खुशी-खुशी बीत जाता है। मेला कमेटी के अध्यक्ष बाबा मुस्तकीम शाह बताते हैं कि समीपवर्ती विभिन्न जनपदों से जायरीनों के आने का सिलसिला जारी है। इनके मुकाम पर आने वाला कोई भी जायरीन खाली हाथ नही जाता है। सभी का मुकद्दर संवर जाता है। ऐसा लोगों का विश्वास है।
बाराबंकी। सूफी सन्त हजरत मलामत शाह रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह कस्बा बदोसरायं स्थित मलामत शाह तकिया पर लगने वाला सफर का मेला अपने पूरे शबाब पर पहुंच चुका है। विभिन्न जनपदों से हजारों की संख्या में जायरीनों ने पहुंच कर जियारत करके मिन्नतें मांगी। कस्बा बदोसरायं स्थित हजरत मलामत शाह तकिया पर विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी सूफी सन्त हजरत मलामत शाह रहमतुल्लाह अलैह की यादगार में सफर का मेला शुरू हो गया है। जिसमें बसों द्वारा लगातार जायरीनों के पहुंचने और जियारत करने का सिलसिला चल रहा है। जिसमें गोण्डा, बहराइच, सीतापुर, पखरपुर, लहरपुर, कैशरगंज, जैसे विभिन्न जनपदों से हजारों की संख्या में जायरीन पहुंच कर इबादत करते व मिन्नतें मांग कर अपनी झोली भर रहे हैं। जनपद खीरी लखीमपुर से आये शाबिर अली व जुनेद अहमद बताते हैं कि वे सफर के मेले व इनके सालाना उर्स 8 रविउल अव्वल को आकर अवश्य शिरकत करते हैं बाबा जी के दरबार में उनकी अपार श्रद्धा है। एक बार यहां हाजिरी देने जियारत करने से पूरा साल खुशी-खुशी बीत जाता है। मेला कमेटी के अध्यक्ष बाबा मुस्तकीम शाह बताते हैं कि समीपवर्ती विभिन्न जनपदों से जायरीनों के आने का सिलसिला जारी है। इनके मुकाम पर आने वाला कोई भी जायरीन खाली हाथ नही जाता है। सभी का मुकद्दर संवर जाता है। ऐसा लोगों का विश्वास है।

