चुनाव के कारण नदारत है सफाई कर्मी
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव सम्पन्न होने के पश्चात् गांवों की सफाई व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। जिससे गांवों में कीचड़ से लबरेज नालियां जगह-जगह लगे कुड़े के ढ़ेर शासन की सफाई व्यवस्था को मुह चिढा रहे हैं। क्षेत्र में ग्राम पंचायत के द्वितीय चरण के मतदान सम्पन्न होने के पश्चात् गांवों में तैनात सफाई कर्मी भी चुनावी लुफ्त में मशगूल होकर कुम्भकर्णी नींद में मस्त हो गये। तो वहीं गांवों की सफाई व्यवस्था का बुरा हाल हो चुका है। जिसका आलम यह है कि गांवों में कच्ची व पक्की नालियां कीचड़ के कारण चोक हो गयी हैं। गन्दा पानी का ठहराव होने के चलते जहां रास्तों से निकलना कठिन हो रहा है। वहीं मच्छरों के आतंक के चलते संक्रामक बीमारियांे के फैलने से इंकार नही किया जा सकता है। रात्रि में मच्छरों के काटने से छोटे-छोटे बच्चे पूरी नींद सो नही पाते हैं। उनके चीखने की आवाजें अक्सर वातावरण में गूंजती रहती हैं। जिससे बच्चों की मातायें सफाई कर्मियों व शासन की मंशा को कोसती हुई नजर आ रही हैं। क्षेत्र के मरकामऊ, बदोसरायं, टिकुरी, कटका, बरदरी, भवानी गंज, सीहामउ,
दरिगापुर,
बरौलिया,
अलीनगर,
श्यामनगर जैसे गांवों में गन्दगी का साम्राज्य व्याप्त है।

