मज़लिस में बोको हराम द्वारा की जा रही आतंकी कार्यवाहियों का किया विरोध
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। नगर के मोहल्ला लाइनपुरवा स्थित इमामबाड़ा नाजिम में एक मजलिस आयोजित हुई। जिसको मौलाना सै. तस्नीम मेंहदी जैदपुरी ने मजलिस को सम्बोधित करते हुये कहा कि आज अहलेबैत (अ.स.) के पैरोकार के खून को इसलिये हलाल समझा जा रहा है कि वह कल और आज के दहशतगर्द एवं आतंकवादियों के खिलाफ आवाज उठाते रहते हैं। चाहे एशिया की दहशतगर्द तंजीमें हो और चाहे अफरीका की अश्शबाब और बोको हराम जैसी दहशतगर्द जैसी तंजीमें हों इन सब का यही काम है। अहलेबैत का नाम लेने वाले और उनके मिशन को जिंदा रखनेवालों का कोई हक नही है। आयतुल्लाह शेख इब्राहिम जकजकी को इसलिये नाइजीरिया में वहां की फौज और दहशतगर्द संगठन बोको हरम निशाना बना रहा है। क्योंकि वह इंसानियत का पैगाम देते हुये बोको हराम द्वारा की जा रही आतंकी कार्यवाहियों को लगातार विरोध करते आ रहे हैं। मजलिस के बाद मौलाना तस्नीम मंेहदी जैदपुरी की कयादत में नाइजीरिया फौज द्वारा आयतुल्लाह जकजकी के चार बेटों समेत हजारों शिया निहत्थे मुसलमानों को बेरहमी से गोली मारकर शहीद करने के खिलाफ ताजियाती जलसा कर आतंकी संगठन बोको हराम, नाइजीरिया हुकूमत और अलशबाब के आतंकी संगठन की मजम्मत की गयी और आयतुल्लाह शेख जकजकी तहरीक की हिमायक के लिये दुआ की गयी। अंत में मौलाना ने कर्बला के दर्दनाक मसायब बयान किये। मजलिस के बाद शहर की अन्जुमनों ने नोहाख्वानी व सीनाजनी की। मजलिस समाप्ति के बाद जाहिद हुसैन ने सभी का शुक्रिया अदा किया।

