घाघरा की कछार में पहुंचे जिले के मुखिया, लगायी चौपाल
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र अपने शीतकालीन भ्रमण के दौरान विकास कार्यो की हकीकत जानने और जन समस्याओं से रूबरू होने के लिए कोठरी गौरिया गांव में पूरी रात रहे। गांव में पहुंचकर पहले चौपाल लगायी, एक-एक करके सभी की समस्यायें सुनी उसके बाद पूरे गांव का भ्रमण करके इन्दिरा आवास, हैण्डपम्प, और गांव के खण्डजा मार्ग का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने यहां पर मौजूद सारे अधिकारियों को निर्देश दिया कि शासन की योजनाए चाहे वह जन कल्याण कारी योजनाए हो अथवा विकास की अन्य योजनाए, उन्हें पूरी गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा करें, जिससे योजनाओं का समुचित लाभ गांव के लोगों को मिल सके। गांव में आयोजित चौपाल में वहां के लोगों ने काफी मुखर होकर अपनी और गांव की समस्यायें रखी। गन्ना किसानों की समस्या थी कि घाघरा किनारे बने अलीनगर रानीमऊ तटबंध पर उनके गांव के पास बंधे तक बैलगाड़ी या ट्रैक्टर जाने के लिए रैम्प की व्यवस्था नहीं है। उनकी समस्या के निवारण हेतु जिलाधिकारी ने वहां पर समुचित स्थान चिन्हित करते हुए दो रैम्प निर्माण कराने के निर्देश दिये। उन्होने गांव में विकलांग पेंशन के पात्र लोगों को पेंशन स्वीकृत कराने हेतु 26 दिसम्बर, 2015 को कैम्प लगाने के निर्देश दिये है। गांव में आयोडीन की कमी की समस्या बतायी गयी। जिस पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी से इस समस्या के प्रभावी निराकरण हेतु यहां पर अभियान चलाने का निर्देश दिया। मुख्य सड़क से गांव को जोड़ने वाला खडन्जा मार्ग काफी खराब था। जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिया कि खडन्जा मार्ग का सुदृढ़ीकरण कराये। तहसील सिरौलीगौसपुर का गांव कोठरी गौरिया घाघरा की तरायी में बसा हुआ है। गांव का काफी भूभाग घाघरा नदी की कटान से प्रभावित हुआ है। जिलाधिकारी ने बाढ़ खण्ड बाराबंकी के अधिशासी अभियन्ता को निर्देश दिया कि अभी से बाढ़ कटान रोकने हेतु प्रभावी कार्य योजना बनाते हुए समय से कार्य पूरा कराये। गांव में विभिन्न मजरो में विद्युतीकरण की समस्या रखी गयी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि इस गांव में प्राथमिकता के आधार पर सभी मजरो में समुचित ढ़ग से विद्युतीकरण सुनिश्चित कराये और बीपीएल श्रेणी के लोगों को विद्युत कनेक्शन नियमानुसार उपलब्ध कराये।
विद्युतीकरण में आयी शिकायत तो होगी कार्यवाही: डीएम
बाराबंकी। जिलाधिकारी ने गांव वासियों के साथ चौपाल में बातचीत के दौरान ग्रामीण अन्दाज में ही शिक्षा व्यवस्था, पेयजल, इन्दिरा आवास निर्माण, राजस्व सम्बन्धी समस्या, विद्युत आपूर्ति, गांव की सफाई आदि विभिन्न पहलुओं पर जानकारी ली। विद्युतीकरण कार्य में लापरवाही की शिकायतें आयी और खम्भा लगाने के लिए पैसा मांगने की भी शिकायत आयी, जिस पर जिलाधिकारी ने बिजली विभाग के अभियन्ताओं को फटकार लगायी और कहा कि विद्युतीकरण कार्य में आगे शिकायत प्राप्त हुई तो कड़ी कार्रवाई होगी। गांव में कुछ लोगों के वरासत के मामले लम्बित पाये जाने पर जिलाधिकारी ने राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सचेत करते हुए निर्देश दिया कि अविवादित वरासत के मामले समय से दर्ज कराये जाये। गांव में स्थित प्राइमरी विद्यालय में अध्यापक के नियमित रूप से न आने पर पठन पाठन प्रभावित होने की बात गांव के लोगों ने बतायी। जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को यहां समुचित व्यवस्था कराने और स्थिति में सुधार लाने के निर्देश दिये।
डीएम का निर्देश रात्रि भ्रमण करें अधिकारी
बाराबंकी। जिलाधिकारी ने कहा कि जन समस्याओं के मौके पर निस्तारण और राजस्व एवं विकास कार्यो के सत्यापन तथा गांव की समस्याओं को समझकर उनका वास्तविक रूप से समाधान कराने के लिए जिले के सारे उपजिलाधिकारी भी गांव में भ्रमण करके रात्रि विश्राम करेंगे और चौपाल लगाकर गांव वासियों से रूबरू होते हुए उनका समाधान करेंगे। उन्होने कहा कि सामान्य रूप से गांव के दूर दराज अंचलों से लोग जिला मुख्यालय और तहसील मुख्यालय पर अपनी समस्याओं को लेकर आते है। शासन की मंशा है कि अधिकारी स्वयं गांव जाये। इस तरह की चौपाल लगाना और समय समय पर गांव में विकास कार्यो का निरीक्षण करने से जमीनी हकीकत का सच सामने आता है। इस अवसर पर सीएमओ डा. रवीन्द्र कुमार, डीडीओ एके सिंह, एसडीएम सिरौलीगौसपुर गरिमा स्वरूप, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी एके सिंह, उपकृषि निदेशक डा. एसपी सिंह, सोशल सेक्टर के अधिकारी, पीडब्लूडी, बाढ़ खण्ड के अधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी पूरडलई सहित सम्बन्धित सभी विभागों के जिले स्तर, तहसील स्तर और खण्ड विकास स्तर के अधिकारी मौजूद थे।
बाराबंकी। जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र अपने शीतकालीन भ्रमण के दौरान विकास कार्यो की हकीकत जानने और जन समस्याओं से रूबरू होने के लिए कोठरी गौरिया गांव में पूरी रात रहे। गांव में पहुंचकर पहले चौपाल लगायी, एक-एक करके सभी की समस्यायें सुनी उसके बाद पूरे गांव का भ्रमण करके इन्दिरा आवास, हैण्डपम्प, और गांव के खण्डजा मार्ग का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने यहां पर मौजूद सारे अधिकारियों को निर्देश दिया कि शासन की योजनाए चाहे वह जन कल्याण कारी योजनाए हो अथवा विकास की अन्य योजनाए, उन्हें पूरी गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा करें, जिससे योजनाओं का समुचित लाभ गांव के लोगों को मिल सके। गांव में आयोजित चौपाल में वहां के लोगों ने काफी मुखर होकर अपनी और गांव की समस्यायें रखी। गन्ना किसानों की समस्या थी कि घाघरा किनारे बने अलीनगर रानीमऊ तटबंध पर उनके गांव के पास बंधे तक बैलगाड़ी या ट्रैक्टर जाने के लिए रैम्प की व्यवस्था नहीं है। उनकी समस्या के निवारण हेतु जिलाधिकारी ने वहां पर समुचित स्थान चिन्हित करते हुए दो रैम्प निर्माण कराने के निर्देश दिये। उन्होने गांव में विकलांग पेंशन के पात्र लोगों को पेंशन स्वीकृत कराने हेतु 26 दिसम्बर, 2015 को कैम्प लगाने के निर्देश दिये है। गांव में आयोडीन की कमी की समस्या बतायी गयी। जिस पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी से इस समस्या के प्रभावी निराकरण हेतु यहां पर अभियान चलाने का निर्देश दिया। मुख्य सड़क से गांव को जोड़ने वाला खडन्जा मार्ग काफी खराब था। जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिया कि खडन्जा मार्ग का सुदृढ़ीकरण कराये। तहसील सिरौलीगौसपुर का गांव कोठरी गौरिया घाघरा की तरायी में बसा हुआ है। गांव का काफी भूभाग घाघरा नदी की कटान से प्रभावित हुआ है। जिलाधिकारी ने बाढ़ खण्ड बाराबंकी के अधिशासी अभियन्ता को निर्देश दिया कि अभी से बाढ़ कटान रोकने हेतु प्रभावी कार्य योजना बनाते हुए समय से कार्य पूरा कराये। गांव में विभिन्न मजरो में विद्युतीकरण की समस्या रखी गयी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि इस गांव में प्राथमिकता के आधार पर सभी मजरो में समुचित ढ़ग से विद्युतीकरण सुनिश्चित कराये और बीपीएल श्रेणी के लोगों को विद्युत कनेक्शन नियमानुसार उपलब्ध कराये।
विद्युतीकरण में आयी शिकायत तो होगी कार्यवाही: डीएम
बाराबंकी। जिलाधिकारी ने गांव वासियों के साथ चौपाल में बातचीत के दौरान ग्रामीण अन्दाज में ही शिक्षा व्यवस्था, पेयजल, इन्दिरा आवास निर्माण, राजस्व सम्बन्धी समस्या, विद्युत आपूर्ति, गांव की सफाई आदि विभिन्न पहलुओं पर जानकारी ली। विद्युतीकरण कार्य में लापरवाही की शिकायतें आयी और खम्भा लगाने के लिए पैसा मांगने की भी शिकायत आयी, जिस पर जिलाधिकारी ने बिजली विभाग के अभियन्ताओं को फटकार लगायी और कहा कि विद्युतीकरण कार्य में आगे शिकायत प्राप्त हुई तो कड़ी कार्रवाई होगी। गांव में कुछ लोगों के वरासत के मामले लम्बित पाये जाने पर जिलाधिकारी ने राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सचेत करते हुए निर्देश दिया कि अविवादित वरासत के मामले समय से दर्ज कराये जाये। गांव में स्थित प्राइमरी विद्यालय में अध्यापक के नियमित रूप से न आने पर पठन पाठन प्रभावित होने की बात गांव के लोगों ने बतायी। जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को यहां समुचित व्यवस्था कराने और स्थिति में सुधार लाने के निर्देश दिये।
डीएम का निर्देश रात्रि भ्रमण करें अधिकारी
बाराबंकी। जिलाधिकारी ने कहा कि जन समस्याओं के मौके पर निस्तारण और राजस्व एवं विकास कार्यो के सत्यापन तथा गांव की समस्याओं को समझकर उनका वास्तविक रूप से समाधान कराने के लिए जिले के सारे उपजिलाधिकारी भी गांव में भ्रमण करके रात्रि विश्राम करेंगे और चौपाल लगाकर गांव वासियों से रूबरू होते हुए उनका समाधान करेंगे। उन्होने कहा कि सामान्य रूप से गांव के दूर दराज अंचलों से लोग जिला मुख्यालय और तहसील मुख्यालय पर अपनी समस्याओं को लेकर आते है। शासन की मंशा है कि अधिकारी स्वयं गांव जाये। इस तरह की चौपाल लगाना और समय समय पर गांव में विकास कार्यो का निरीक्षण करने से जमीनी हकीकत का सच सामने आता है। इस अवसर पर सीएमओ डा. रवीन्द्र कुमार, डीडीओ एके सिंह, एसडीएम सिरौलीगौसपुर गरिमा स्वरूप, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी एके सिंह, उपकृषि निदेशक डा. एसपी सिंह, सोशल सेक्टर के अधिकारी, पीडब्लूडी, बाढ़ खण्ड के अधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी पूरडलई सहित सम्बन्धित सभी विभागों के जिले स्तर, तहसील स्तर और खण्ड विकास स्तर के अधिकारी मौजूद थे।
