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या हुसैन या हुसैन : अजादारों ने किया खूनी जंजीर का मातम

अजमी रिज़वी 
बाराबंकी। देवा रोड स्थित अस्करी हाल में जंजीरी मातम के साथ निकाला गया जुलूस। इससे पूर्व अस्करी हाल में मौलाना सैय्यद बाकर जैदी ने मजलिस को सम्बोधित किया। मौलाना ने कहा कि नमाज इंसान को हर मुसीबतों से बचाता है। नमाज इंसान को जिंदगी देता है। उनको रोजी अता करता है। मौलाना ने कहा कि आज पूरी दुनिया में दहशतगर्द का माहौल है। कुछ लोग इस्लाम का नकाब ओढ़कर इस्लाम को बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं और इस्लाम के नाम पर बेगुनाह मासूम बच्चों का खून बहाया जा रहा है। वैसे तो यह लोग अपने को मुसलमान कहते हैं। जबकि हमारे नबी ने कहा कि बेगुनाह लोगों का खून बहाने वाला इस्लाम का हिमायती नही होता है। ऐसे लोग दरिन्दे होते हैं।
उन्होने आगे कहा कि इ्रस्लाम भाईचारे का पैगाम देता है। इस्लाम में यह भी कहा गया है कि अगर तुम्हारा पड़ोसी भूखा सो गया है तो तुम्हारा खाना हराम है। तुम पर फर्ज है कि सबसे पहले अपने पड़ोसी चाहे वो किसी भी धर्म का हो उसका ख्याल रखो उनके हर सुख दुख में साथ दो तभी तुम सच्चे मुसलमान कहलाओगे। अन्त में मौलाना ने कर्बला के दर्दनाक मसायब बयान किये। जिसे सुनकर लोग दहाड़े मारकर रो पड़े। मजलिस से पूर्व कशिश सण्डीलवी, अजमल किन्तूरी, बाकर नकवी, कामयाब सण्डीलवी ने पेशख्वानी की। मजलिस के बाद इसी हाल से अलम का जुलूस बरामद किया गया। जो गस्त करता हुआ अस्करी हाल पहुंचा।
जहां पर अजादारों ने खूनी जंजीर का जमकर मातम किया। जुलूस के बाद आसिफ हुसैन के अजाखाने पर मजलिस आयोजित की गयी। जिसकों जाकिरे अहलेबैत, मो शब्बर रिजवी ने मजलिस को सम्बोधित करते हुये कहा कि हक और बातिल क्या है अगर इसको समझना है तो कर्बला को समझना पड़ेगा तभी तुम हक और बातिल को समझ पाओगे। उन्होने कहा कि इस्लाम को लोगों तक पहुंचाने के लिये फर्शे अजा विछायी जाती है। जहां पर इस्लाम के बारे में लोगों तक पहुंचाया जाता है। मजलिस के बाद अन्जुमन गुन्चये अब्बासिया के साहबे बयाज कमर इमाम, मुजफ्फर इमाम व आसिफ हुसैन ने नोहाख्वानी व सीनाजनी की। कार्यक्रम समाप्ति के बाद मौलाना गुलाम अस्करी हाल के मुतवल्ली जहीर जैदी ने जुलूस में आये सभी अजादारों का शुक्रिया अदा किया।

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