आयुक्त प्रवीर ने किया कामधेनु डेयरी योजना का निरीक्षण
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के कृषि उत्पादन हेतु आयुक्त प्रवीर कुमार ने विकास खण्ड पूरेडलई में ग्राम घघवारा में जगदीश प्रसाद गुप्ता की कामधेनु डेयरी योजना का निरीक्षण किया। इसके बाद विकास खण्ड हरख अन्तर्गत दौलतपुर के प्रगतिशील किसान रामसरन वर्मा के केले की खेती का अवलोकन किया और वहां पर स्थापित सब्जी, फल की प्रोसेसिंग यूनिट भी देखी। कृषि उत्पादन हेतु इसके बाद विकास खण्ड बंकी अन्तर्गत मोहम्मदपुर गांव में मोईद अहमद के कुक्कुट एग्रो फार्म पहुंचे, वहां पर कुक्कुट विकास कार्यक्रम के तहत स्थापित इस यूनिट के बारे में जानकारी ली। नगर पंचायत टिकैतनगर के पास स्थित ग्राम घघवारा में स्थापित कामधेनु डेरी योजना में लगभग 100 गायें पाली गयी है। इस योजना की लागत 1 करोड़ 20 लाख की है। इसमें शासन द्वारा इन्हें 30 लाख की मार्जिन मनी दी गयी है। इस योजना के अन्तर्गत यह व्यवस्था है कि 1 करोड़ 20 लाख रूपये की लागत की इस योजना में 25 प्रतिशत लाभार्थी को व्यय करना पड़ता तथा अवशेष 75 प्रतिशत धनराशि लाभार्थी को बैंक से ऋण के रूप में प्राप्त होती है। बैंक से लिये गये ऋण के ब्याज की प्रतिपूर्ति शासन द्वारा की जाती है। कृषि उत्पादन आयुक्त ने दौलतपुर में रामसरन वर्मा की प्रगतिशील खेती को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। रामसरन वर्मा केला, टमाटर, आलू आदि की फसल आधुनिक तरीके से करके अच्छा मुनाफा कमाते है। उनके द्वारा प्रोसेसिंग यूनिट भी स्थापित की गयी है, जिससे वह उत्पादों को काफी समय तक स्टोर करके उचित समय पर बिक्री करते है। कृषि उत्पादन आयुक्त ने प्रदेश सरकार की कुक्कुट विकास कार्यक्रम अन्तर्गत मोहम्मदपुर गांव में मोईद अहमद द्वारा कामर्शियल लेयर्स फार्म योजना के अन्तर्गत स्थापित कुक्कुट फार्म को देखा। इसमें 30 हजार कुक्कुट की एक ईकाई की लागत पर 180 लाख रूपया आता है, जिसमें 126 लाख रूपया बैंक द्वारा ऋण के रूप में दिया जाता है। बैंक के ऋण की ब्याज की प्रतिपूर्ति शासन द्वारा की जाती है। कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि प्रदेश में कुक्कुट विकास कार्यक्रम अन्तर्गत कई यूनिट स्थापित कराने की योजना है। इससे प्रदेश में अण्डे की आपूर्ति में आत्मनिर्भरता होगी और दूसरे प्रदेशों से अण्डे मंगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होने कामधेनु डेरी योजना और कुक्कुट फार्म के स्वामियों से यूनिट की गतिविधियों के संचालन में आने वाली कठिनाईयों, समस्याओं की जानकारी ली। उन्होने रामसरन वर्मा से केला, सब्जी के उत्पादन में अपनाये जाने वाले प्रयोगो को भी जाना। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ऋषिरेन्द्र कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. एके सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं पत्रकार मौजूद रहे।
