पाईप लाइन बिछाने के बाद नालियां छोड़ दी खुली
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। तहसील रामनगर के अन्तर्गत ग्राम सेमराय मे महीनो पूर्व पानी टंकी सेे आसपास के गांव को जल सप्लाई हेतु नालियां खोदी गई थी। जो नालियां सड़क के समीप होते हुए सैदनपुर, कटहरी आदि गांव को जाती है। जो कि पाईप लाइन बिछाने के बाद नालियां खुली छोड़ दी गई है। जिससे सड़क के समीप व शरद ऋतु मे कोहरे के कारण आसपास के ग्रामवासी किसी बड़ी दुर्घटना का शिकार हो सकते है। सेमराय, कटहरी, कन्द्रवल, बुढ़गौरा आदि गांव के लोगो का कहना है कि सर्दी के मौसम मे कोहरे के कारण किसी भी ग्रामवासी की जान को खतरा हो सकता है। कर्न्दवल जाने वाले चकरोड के बीचो बीच पाइप लाइन का निर्माण हुआ है। जो पूर्णतया नाली खुली पड़ी है जिससे कटहरी, कर्न्दवल व सेमराय आदि के किसानो को आये दिन काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। धु्रव सिंह, अशोक सिंह, इन्द्रबक्स, सौरभ, गोपी, ओमकार, अतुल, मंटू, बसंत कुमार, ग्रामप्रधान सेमराय आदि ग्रामवासियो का कहना है कि हैदरगढ़ चीनी मिल चालू होने कारण ग्रामवासियों को गन्ना से लदी ट्रालियों को काफी दूरी तय करके गन्ना सेन्टर तक पहुॅचाया जाता है। जिससे ग्रामवासियो को काफी दिक्कतों का समना करना पड़ता है। पाइप लाइन की खुली पड़ी नालियों की ओर जेई व ठेकेदार इस ओर कोई ध्यान नही दे रहे है।
बाराबंकी। तहसील रामनगर के अन्तर्गत ग्राम सेमराय मे महीनो पूर्व पानी टंकी सेे आसपास के गांव को जल सप्लाई हेतु नालियां खोदी गई थी। जो नालियां सड़क के समीप होते हुए सैदनपुर, कटहरी आदि गांव को जाती है। जो कि पाईप लाइन बिछाने के बाद नालियां खुली छोड़ दी गई है। जिससे सड़क के समीप व शरद ऋतु मे कोहरे के कारण आसपास के ग्रामवासी किसी बड़ी दुर्घटना का शिकार हो सकते है। सेमराय, कटहरी, कन्द्रवल, बुढ़गौरा आदि गांव के लोगो का कहना है कि सर्दी के मौसम मे कोहरे के कारण किसी भी ग्रामवासी की जान को खतरा हो सकता है। कर्न्दवल जाने वाले चकरोड के बीचो बीच पाइप लाइन का निर्माण हुआ है। जो पूर्णतया नाली खुली पड़ी है जिससे कटहरी, कर्न्दवल व सेमराय आदि के किसानो को आये दिन काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। धु्रव सिंह, अशोक सिंह, इन्द्रबक्स, सौरभ, गोपी, ओमकार, अतुल, मंटू, बसंत कुमार, ग्रामप्रधान सेमराय आदि ग्रामवासियो का कहना है कि हैदरगढ़ चीनी मिल चालू होने कारण ग्रामवासियों को गन्ना से लदी ट्रालियों को काफी दूरी तय करके गन्ना सेन्टर तक पहुॅचाया जाता है। जिससे ग्रामवासियो को काफी दिक्कतों का समना करना पड़ता है। पाइप लाइन की खुली पड़ी नालियों की ओर जेई व ठेकेदार इस ओर कोई ध्यान नही दे रहे है।
