सचिन अपहरण कांड : सगा भाई समेत 4 आरोपी अरेस्ट
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। छोटे भाई के अपहरण के मामले में सगे भाई समेत चार अभियुक्त को गिरफ्तार कर पुलिस ने सबसे बड़ा खुलासा किया है। पुलिस लाइन के सभागार में प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक अब्दुल हमीद ने बताया कि मासूम सचिन के अपहरण में उसके सगे बड़े भाई दिवाकर प्रताप सिंह ‘‘ढुनमुन‘‘ पुत्र देवेन्द्र प्रताप सिंह निवासी लिल्होरा थाना हैदरगढ़ व अबराज खान जासेपुर कोतवाली हैदरगढ़, शमीम मोहल्ला ब्रहम्नान कोतवाली हैदरगढ़ व तीसरा सूरज शर्मा जो इसी मोहल्ले का निवासी है। इन चारो ने मिलकर सचिन जो अपने घर के बाहर सुबह खेल रहा था तभी अचानक सचिन के लापता होने से परिवार वाले परेशान हो गये और इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी। कुछ देर बाद परिजन के मोबाइल पर मैसेज आया कि तुम्हारा बेटा सकुशल है अगर उसकी जान की सलामती चाहते हो तो दस लाख रुपये भिजवा दो। मैसेज की खबर मिलते ही पुलिस हरकत में आ गयी और आठ घण्टे के अन्दर चार अभियुक्तों को गिरफ्तार करके अपहृत सचिन को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दिवाकर जो सचिन का बड़ा भाई उसको शक के आधार पर कोतवाली ले आयी। कड़ी पूछताछ के बाद आखिरकार दिवाकर टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पकड़े गये अन्य अभियुक्तों से पूछताछ पर बताया कि हम लोगों ने दिवाकर के कहने पर ही सचिन का अपहरण किया था। दिवाकर ने हम लोगों से कहा कि अपहरण के बदले फिरौती में मिलने वाली रकम दस लाख रुपये को हम लोग आपस में बांट लेंगे और सचिन को मारकर फेंक देंगे। पुलिस अधीक्षक ने कोतवाली प्रभारी हैदरगढ़, चन्द्रेशखर सिंह, अजीत कुमार सिंह, सुबोध कुमार सिंह, सर्विलांस सेल क्राइम ब्रांच के सुधीर कुमार सिंह के अलावा स्वाट टीम क्राइम ब्रांच, कां0 विनय उपाध्याय, कां0 रमेश उपाध्याय, हैदरगढ़ कोतवाली पुलिस रामकुमार, संतोष कुमार, जुनैद को फैजाबाद उप महानिरीक्षक के द्वारा दस हजार रुपये के नकद पुरस्कार एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा पांच हजार रुपये नकद पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र से पुरस्कृत किया है।
बेगुनाह है दिवाकर, पुलिस लापरवाही से हुई घटना: देवेन्द्र
बाराबंकी। सचिन अपहरण काण्ड को लेकर अपहृता के पिता ने बड़े पुत्र को फर्जी फसाने का आरोप लगाया है। हैदरगढ़ नगर पंचायत के चेयरमैन अखिलेश सिंह के साथ उच्चाधिकारियों के पास पहुंचे। देवेन्द्र सिंह ने गुहार लगायी कि उन्होने पुलिस प्रशासन से कई बार शिकायत दर्ज करायी कि कुछ अपराधी किस्म के लोग उन्हे प्रताड़ित करने का प्रयास कर रहे है। परन्तु पुलिस ने न तो शिकायत पर ध्यान दिया और न ही धमकी वाले मोबाइल नम्बरो को टेªस करने का प्रयास किया। अगर पुलिस इनकी शिकायत को पहले ही गंभीरता से लेती तो शायद अपहरण की गंभीर घटना घटित नही होती। अपहरण का मुख्य साजिशकर्ता अरबाज खान व सूरज शर्मा है। इससे पहले इन लोगों ने घर में नकली बम रखकर फिरौती वसूलने का प्रयास किया था। इन्ही लोगों ने साजिशन सचिन के बड़े भाई को अपहरण के मामले में फसाया है। कोतवाली पुलिस को अपराधियों ने गुमराह कर या अपने साथ मिलाकर देवेन्द्र से अपहरण में शामिल होने की बात कबूल करायी है। यह जांच का विषय है। जिसकी उच्च स्तरीय जांच कराया जाना आवश्यक है। दिवाकर अपने छोटे भाई के साथ इस तरह का कृत्य कर ही नही सकता। पीड़ित पिता ने उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगायी है।
बाराबंकी। छोटे भाई के अपहरण के मामले में सगे भाई समेत चार अभियुक्त को गिरफ्तार कर पुलिस ने सबसे बड़ा खुलासा किया है। पुलिस लाइन के सभागार में प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक अब्दुल हमीद ने बताया कि मासूम सचिन के अपहरण में उसके सगे बड़े भाई दिवाकर प्रताप सिंह ‘‘ढुनमुन‘‘ पुत्र देवेन्द्र प्रताप सिंह निवासी लिल्होरा थाना हैदरगढ़ व अबराज खान जासेपुर कोतवाली हैदरगढ़, शमीम मोहल्ला ब्रहम्नान कोतवाली हैदरगढ़ व तीसरा सूरज शर्मा जो इसी मोहल्ले का निवासी है। इन चारो ने मिलकर सचिन जो अपने घर के बाहर सुबह खेल रहा था तभी अचानक सचिन के लापता होने से परिवार वाले परेशान हो गये और इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी। कुछ देर बाद परिजन के मोबाइल पर मैसेज आया कि तुम्हारा बेटा सकुशल है अगर उसकी जान की सलामती चाहते हो तो दस लाख रुपये भिजवा दो। मैसेज की खबर मिलते ही पुलिस हरकत में आ गयी और आठ घण्टे के अन्दर चार अभियुक्तों को गिरफ्तार करके अपहृत सचिन को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दिवाकर जो सचिन का बड़ा भाई उसको शक के आधार पर कोतवाली ले आयी। कड़ी पूछताछ के बाद आखिरकार दिवाकर टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पकड़े गये अन्य अभियुक्तों से पूछताछ पर बताया कि हम लोगों ने दिवाकर के कहने पर ही सचिन का अपहरण किया था। दिवाकर ने हम लोगों से कहा कि अपहरण के बदले फिरौती में मिलने वाली रकम दस लाख रुपये को हम लोग आपस में बांट लेंगे और सचिन को मारकर फेंक देंगे। पुलिस अधीक्षक ने कोतवाली प्रभारी हैदरगढ़, चन्द्रेशखर सिंह, अजीत कुमार सिंह, सुबोध कुमार सिंह, सर्विलांस सेल क्राइम ब्रांच के सुधीर कुमार सिंह के अलावा स्वाट टीम क्राइम ब्रांच, कां0 विनय उपाध्याय, कां0 रमेश उपाध्याय, हैदरगढ़ कोतवाली पुलिस रामकुमार, संतोष कुमार, जुनैद को फैजाबाद उप महानिरीक्षक के द्वारा दस हजार रुपये के नकद पुरस्कार एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा पांच हजार रुपये नकद पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र से पुरस्कृत किया है।
बेगुनाह है दिवाकर, पुलिस लापरवाही से हुई घटना: देवेन्द्र
बाराबंकी। सचिन अपहरण काण्ड को लेकर अपहृता के पिता ने बड़े पुत्र को फर्जी फसाने का आरोप लगाया है। हैदरगढ़ नगर पंचायत के चेयरमैन अखिलेश सिंह के साथ उच्चाधिकारियों के पास पहुंचे। देवेन्द्र सिंह ने गुहार लगायी कि उन्होने पुलिस प्रशासन से कई बार शिकायत दर्ज करायी कि कुछ अपराधी किस्म के लोग उन्हे प्रताड़ित करने का प्रयास कर रहे है। परन्तु पुलिस ने न तो शिकायत पर ध्यान दिया और न ही धमकी वाले मोबाइल नम्बरो को टेªस करने का प्रयास किया। अगर पुलिस इनकी शिकायत को पहले ही गंभीरता से लेती तो शायद अपहरण की गंभीर घटना घटित नही होती। अपहरण का मुख्य साजिशकर्ता अरबाज खान व सूरज शर्मा है। इससे पहले इन लोगों ने घर में नकली बम रखकर फिरौती वसूलने का प्रयास किया था। इन्ही लोगों ने साजिशन सचिन के बड़े भाई को अपहरण के मामले में फसाया है। कोतवाली पुलिस को अपराधियों ने गुमराह कर या अपने साथ मिलाकर देवेन्द्र से अपहरण में शामिल होने की बात कबूल करायी है। यह जांच का विषय है। जिसकी उच्च स्तरीय जांच कराया जाना आवश्यक है। दिवाकर अपने छोटे भाई के साथ इस तरह का कृत्य कर ही नही सकता। पीड़ित पिता ने उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगायी है।
