समाजवाद को जीवन का आधार मानते थे स्व. अशर्फी लाल
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। समाजवाद का परचम लहराने वाले पूर्व विधायक अशर्फी लाल यादव का जीवन दर्शन आज भी लोगांे के मध्य प्रासंगिक बना हुआ है। जो जीवन पर्यन्त समाज के दबे कुचले शोषित वर्ग के लोगों की सेवा अपनी अन्तिम सांसो तक करते रहे इनकी कीर्ति सदैव अमर रहेगी। समाजवाद के पुरोधा डॉ0 राम मनोहर लोहिया, स्वर्गीय राम सेवक यादव के समकालीन साथी अशर्फी लाल यादव जी का जन्म समर्थ सांई जगजीवन साहेब के पैतृक गांव ग्राम सरदहा में माघ मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि सन् 1935 ई0 को हुआ था। इनके पिता का नाम रामहर्ष यादव था 5 वर्ष की अवस्था में इनकी माता दुलारा देवी का देहान्त हो गया। करीब 10 वर्ष की अवस्था में इनके पिता का साया इनके सिर से उठ गया। इनका पालन पोषण इनकी चाची ने किया बचपन से ही आप होनहार एवं कुशाग्र बुद्धि के थे। इनकी बद्धिमत्ता को देखकर श्री कोटवाधाम के तत्कालीन एक महात्मा ने कहा था कि बड़ा होकर एक दिन यह बालक समाज में नाम रोशन करेगा।
श्री यादव ने 7 वर्ष की अवस्था में ग्राम किन्तूर में पठन पाठन का कार्य शुरू किया हाईस्कूल की परीक्षा यूनियन इण्टर कालेज रामनगर में उत्तीर्ण करके सन् 1956 ई0 में समाजवाद के जनक डॉ0 राम मनोहर लोहिया व राम सेवक यादव के सानिध्य में आ करके आपने अपने राजनीतिक कैरियर की शुरुआत किया। न्याय पंचायत बरौलिया के सर्व प्रथम सरपंच चुने गये। ंइसके पश्चात सोशलिस्ट पार्टी का जिला महामंत्री भी आपको चुना गया। सन् 1975 ई0 में इमरजेन्शी के दौरान डी.आई.आर. के तहत जेल भेजे गये। 1960 ई0 में किसानों के हक् हकूक की लड़ाई लड़ते हुए कई बार जेल गये। सीपेज आन्दोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रथम बार बने विधायकः-
राजनीतिक क्षेत्र में मजबूत पकड़ होने तथा कठिन परिश्रम के चलते इनकी मेहनत रंग लायी दरियाबाद विधान सभा क्षेत्र से इन्हे जनता पार्टी से चुनाव लड़ने का सुअवसर मिला 1977 के आम चुनाव में आप दरियाबाद विधान सभा से विधायक चुने गये। तत्पश्चात् जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष का आपने कार्य भार संभाल लिया।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा के राजनीतिक गुरू होने का गौरवः-
सन् 1970 ई0 के दशक में पूर्व केन्द्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा इनके सानिध्य में आये राजनीति का पाठ इन्होने ही उन्हे सिखाया। पहला चुनाव श्री वर्मा को आपने सुगर मिल बुढ़वल से डायरेक्ट्री का लड़वाया जिसमें श्री वर्मा विजयी घोषित किये गये। इसी क्रम में स्वर्गीय राम सेवक से कह करके दरियाबाद विधान सभा सीट से सन् 1974 ई0 में श्री वर्मा जी को सोशलिस्ट पार्टी से टिकट दिलवाया जिसमें बेनी प्रसाद वर्मा प्रथम बार विधायक बने।
सितारा हुआ अस्तः-
जीवन पर्यन्त समाज के शोषित वर्गाें के खिलाफ अपनी आखिरी सांस तक आवाज बुलन्द करने वाला यह चमकता हुआ सितारा 16 जनवरी 2015 ई0 को प्रभात की प्रथम किरण के साथ सदैव के लिए अस्त हो गया। परन्तु इनकी कीर्ति इनके द्वारा किये गये अविस्मरणीय कार्याें के कारण हमेशा समाज में विद्यमान रहेगी।

