कौशाम्बी में विदेशी पक्षी का हो रहा शिकार, वन विभाग मस्त
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अशोक केसरवानी
कौशाम्बी । कौशांबी की गंगा नदी के तराई इलाको में इन दिनों उन परिंदों का शिकार किया जा रहा है जो विदेशी मेहमान कहलाते है। विदेशी परिंदोंकी सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाले विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के चलते यह दुष्ट शिकारी अपने निजी स्वार्थ के चलते इन मेहमानो का कत्ल कर अपना निवाला बनाते है।कोखराज थाना इलाके के बाईपास के पास गंगा नदी के तराई इलाको में इन दिनों भोर में यह दुष्ट शिकारी विदेशी परिंदे का शिकार करते है। यह शिकारी तराई इलाके के ग्रामीण क्षेत्र के रहने वाले है जो गंगा नदी के किनारे साइबेरियन, व सुर्खाब नामक विदेशी परिंदे को महज इस लिए मौत के घाट उतार देते है की वो अपने निजी स्वार्थ के चलते निवाला बना सके।बतादे कि शरदऋतू में यह विदेशी परिंदे हर वर्ष प्रयागराज संगम तट पर आते है। जिसमे से परिंदों का एक झुंड कौशांबी के अलवारा झील समेत गंगा नदी के तराई इलाके में भी मंडराते है। प्रवासी परिंदों की सुरक्षा की जिम्मेदारी का निर्वाह करने वाले वन विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के चलते यह विदेशी मेहमान शिकारियों का निशाना बनते जा रहे है।
कौशाम्बी । कौशांबी की गंगा नदी के तराई इलाको में इन दिनों उन परिंदों का शिकार किया जा रहा है जो विदेशी मेहमान कहलाते है। विदेशी परिंदोंकी सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाले विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के चलते यह दुष्ट शिकारी अपने निजी स्वार्थ के चलते इन मेहमानो का कत्ल कर अपना निवाला बनाते है।कोखराज थाना इलाके के बाईपास के पास गंगा नदी के तराई इलाको में इन दिनों भोर में यह दुष्ट शिकारी विदेशी परिंदे का शिकार करते है। यह शिकारी तराई इलाके के ग्रामीण क्षेत्र के रहने वाले है जो गंगा नदी के किनारे साइबेरियन, व सुर्खाब नामक विदेशी परिंदे को महज इस लिए मौत के घाट उतार देते है की वो अपने निजी स्वार्थ के चलते निवाला बना सके।बतादे कि शरदऋतू में यह विदेशी परिंदे हर वर्ष प्रयागराज संगम तट पर आते है। जिसमे से परिंदों का एक झुंड कौशांबी के अलवारा झील समेत गंगा नदी के तराई इलाके में भी मंडराते है। प्रवासी परिंदों की सुरक्षा की जिम्मेदारी का निर्वाह करने वाले वन विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के चलते यह विदेशी मेहमान शिकारियों का निशाना बनते जा रहे है।

