युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है: अखिलेश
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। अपनी व्यक्तिगत इच्छाओं का त्याग कर स्वयं के ज्ञान एवं पुरूषार्थ से राष्ट्र को परम वैभव तक पहुॅचाना ही भारत माता की सबसे बड़ी आराधना है। इस उद्देश्य हेतु युवा शक्ति ही सर्वाधिक समर्थ है। उक्त विचार राष्ट्रीय युवा दिवस पर गायत्री परिवार द्वारा आयोजित समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुए पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष एडवोकेट संतोष सिंह ने व्यक्त किये। युग पुरूष स्वामी विवेकानन्द की जयन्ती पर आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारम्भ युवा चेतना अभियान से जुड़े स्वयं सेवक रितेश जायसवाल एवं अंकित द्विवेदी द्वारा संयुक्त दीप प्रज्वलन से हुआ। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता युवा प्रकोष्ठ के जिला समन्वयक अखिलेश पाण्डेय रहे। अपने उद्बोधन में उन्होने कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है। यौवन की ऊर्जा को केवल पेट-प्रजनन तक सीमित नही रखना है, उसे राष्ट्र के नवनिर्माण में नियोजित करने से ही धरती पर अच्छी परिस्थितियां बनेगी। इस शक्ति को सही दिशा न मिलने पर इसके भयंकर दुष्परिणाम भुगतने होंगे। कार्यक्रम में संगीत टोली द्वारा ‘नौजवानों उठो वक्त यह कह रहा, खुद को बदलो जमाना बदल जायेगा।’ ‘हमें फिर से धरा पर ज्ञान की गंगा बहानी है, जगत विख्यात भारत के सपूतों की कहानी है।’ गीतों का भावपूर्ण गायन किया गया। कार्यक्रम में शक्ति पीठ व्यवस्थापक सीपी श्रीवास्तव, रोहित वर्मा सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

