ठण्ड न पड़ने से किसान सकते में
https://husainijnp.blogspot.com/2016/01/blog-post_454.html
जौनपुर। कड़ाके की ठण्ड इस बार न पड़ने से जहां मौसम विज्ञानी अचंभित है वहीं किसानों को अपनी फसलों की पैदावार के लिए चिन्ता व्याप्त हो गयी है। रवि की फसलें जहां प्रभावित होने की संभावना बढ़ गयी है वहीं देर से बोई गयी फसलें अंकुरित न होने से किसान फिर से खेत जोतकर बोआई करने पर मजबूर है। किसानों का कहना है धूप की तेजी और ठण्ड न पड़ने से 50 प्रतिशत पैदावार होगी। जिसकी भरपाई करना मुश्किल साबित होगा। ज्ञात हो कि इस वर्ष दिसम्बर के अन्तिम सप्ताह तथा जनवरी का दो पखवारा बीतने को है मगर भीषण ठण्ड का कहीं नाम निशान नहीं है। कोहरा भी बहुत कम पड़ा और तेज धूप में बैठना भी मुश्किलसाबित हो रहा है। ऐसे में फसलें पूरीरतह से पुष्पित और पल्लवित नहीं होगी। कई किसानों ने बताया कि उन्होने पूरी तेयारी करके रवि की बुआई की लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी अंकुर नहीं लगा तो मजबूरन फिर से मंहगी खाद और बीज से उन्हे दुबारा बोआई करनी पड़ी। इसके बावजूद फसलों के पैदावार कम होने का खतरा बना हुआ है। बिना भीषण के फसलें पूरी तरह से उठ नहीं पाती और उत्पादन कम हो जाता है। उनका कहना है कि शासन प्रशासन की लापरवाही तथा प्रकृति की मार से हर हाल में किसानों का ही नुकसान होता है। खेती अब घाटे का सौदा बन गया है। मकर सक्रान्ति के बाद ठण्ड कम हो जाती है और ठण्ड का असर भी कम हो जाता है जो चिन्ता का विषय है।

