सुल्तान के परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप, दो आरोपी गिरफ्तार
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। पड़ोसी ने ही सुल्तान को अपहरण कर हत्या करवा दिया। विगत 15 जनवरी को बकरी चराने गये लापता हुये बालक का खुलासा नगर कोतवाली पुलिस ने कर लिया है। नगर कोतवाली क्षेत्र के आलापुर निवासी मो. अकरम का पुत्र सुल्तान 15 जनवरी को अपनी छः बकरी चराने गया हुआ था। सुल्तान जब घर नही पहुंचा तो परिवार वाले चिंतित हो गये और सुल्तान की खोजबीन करने लगे। आखिरकार आज शनिवार को दो आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद सुल्तान की हत्या का खुलासा हो सका। पकड़े गये आरोपी रिजवान घोड़ा जो आलापुर का ही रहने वाला है। दूसरा आरोपी आमीन थाना जहांगीराबाद क्षेत्र के ग्राम धतौली भयारा का रहने वाला है। पुलिस की पूछताछ पर आमीन उर्फ मिट्ठू ने बताया कि रिजवान घोड़ा ने मुझे बीस हजार रुपये का लालच देकर कहा कि सुल्तान को बकरी समेत उठा कर उसको जान से मार दो। मैं पैसे दस दिन के अन्दर तुम्हे बीस हजार रुपये दे दूंगा। आमीन ने पूछताछ के दौरान बताया कि सुल्तान को 16 जनवरी को लखनऊ स्थित बख्शी का तालाब स्थित सेन्ट्रल बैंक के पीछे अरहर के खेत में डण्डो से पीट पीटकर मार डाला और बकरियों को पांच हजार रुपये में बेंच दिया। एडिशनल एसपी ज्ञानंजय सिंह ने पुलिस टीम को बख्शी का तालाब रवाना कर शव को बरामद करने का आदेश दिया। समाचार लिखे जाने तक पुलिस टीम सुल्तान का शव बरामद करने के लिये बख्शी तालाब रवाना हो गयी। हत्या की खबर सुनते ही ग्रामीणों ने आरोपी रिजवान का घर घेर लिया। इसकी सूचना पुलिस को लगते ही आनन फानन मौके पर पुलिस पहुंच गयी और गांव वालो को समझा बुझाकर शांत किया।
एक आरोपी को गोण्डा से किया गिरफ्तार
बाराबंकी। आरोपी आमीन उर्फ मिट्ठू को जनपद गोण्डा के गण्डारा चौकी के पास अपनी एक माशुका के घर में छुपा हुआ था। आलापुर के निवासी समाजसेवी निसार को जब सूचना मिली कि आमीन गोण्डा में अपनी एक माशुका के घर छिपा हुआ है। तो उसने पुलिस को सूचना दे दी और पुलिस के साथ गोण्डा पहुंचकर आमीन उर्फ मिट्ठू को उसकी माशुका के घर से गिरफ्तार कर लिया। जिसको बाराबंकी कोतवाली ले आयी। जहां पर पहले से मौजूद आलापुर ग्रामीण वासियों ने गाड़ी से उतरते समय आमीन की जमकर पिटाई कर दी। किसी तरह निसार व पुलिस वालों ने आमीन को ग्रामीणों के आक्रोश से बचाते हुये अन्दर ले आये। पूछताछ के बाद शव को बरामद के लिये पुलिस टीम को बख्शी का तालाब के लिये रवाना कर दिया।
पड़ोसी ही निकला सुल्तान का हत्यारा
बाराबंकी। सुल्तान की हत्या उसके पड़ोसी रिजवान घोड़ा ने अपनी जाति दुश्मनी निकालने के लिये की थी। रिजवान ने थाना जहांगीराबाद ग्राम धतौली भयारा निवासी आमीन उर्फ मिट्ठू को बीस हजार रुपये का लालच देकर सुल्तान को अपहरण कर उसकी हत्या करवा दी। बताया जाता है कि रिजवान और अकरम पड़ोसी हैं। दोनो में आये दिन झगड़ा होता रहता था। गांव वालो का कहना है कि रिजवान घोड़ा एक शातिर किस्म का व्यक्ति है। जो बेवजह गांव में लोगों से झगड़ता रहता है। सुल्तान की हत्या खबर सुनते ही पिता अकरम कोतवाली परिसर में दहाड़े मार-मारकर रोने लगा और हाथ जोड़कर कहने लगा कि मुझे इंसाफ चाहिये।
बाराबंकी। पड़ोसी ने ही सुल्तान को अपहरण कर हत्या करवा दिया। विगत 15 जनवरी को बकरी चराने गये लापता हुये बालक का खुलासा नगर कोतवाली पुलिस ने कर लिया है। नगर कोतवाली क्षेत्र के आलापुर निवासी मो. अकरम का पुत्र सुल्तान 15 जनवरी को अपनी छः बकरी चराने गया हुआ था। सुल्तान जब घर नही पहुंचा तो परिवार वाले चिंतित हो गये और सुल्तान की खोजबीन करने लगे। आखिरकार आज शनिवार को दो आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद सुल्तान की हत्या का खुलासा हो सका। पकड़े गये आरोपी रिजवान घोड़ा जो आलापुर का ही रहने वाला है। दूसरा आरोपी आमीन थाना जहांगीराबाद क्षेत्र के ग्राम धतौली भयारा का रहने वाला है। पुलिस की पूछताछ पर आमीन उर्फ मिट्ठू ने बताया कि रिजवान घोड़ा ने मुझे बीस हजार रुपये का लालच देकर कहा कि सुल्तान को बकरी समेत उठा कर उसको जान से मार दो। मैं पैसे दस दिन के अन्दर तुम्हे बीस हजार रुपये दे दूंगा। आमीन ने पूछताछ के दौरान बताया कि सुल्तान को 16 जनवरी को लखनऊ स्थित बख्शी का तालाब स्थित सेन्ट्रल बैंक के पीछे अरहर के खेत में डण्डो से पीट पीटकर मार डाला और बकरियों को पांच हजार रुपये में बेंच दिया। एडिशनल एसपी ज्ञानंजय सिंह ने पुलिस टीम को बख्शी का तालाब रवाना कर शव को बरामद करने का आदेश दिया। समाचार लिखे जाने तक पुलिस टीम सुल्तान का शव बरामद करने के लिये बख्शी तालाब रवाना हो गयी। हत्या की खबर सुनते ही ग्रामीणों ने आरोपी रिजवान का घर घेर लिया। इसकी सूचना पुलिस को लगते ही आनन फानन मौके पर पुलिस पहुंच गयी और गांव वालो को समझा बुझाकर शांत किया।
एक आरोपी को गोण्डा से किया गिरफ्तार
बाराबंकी। आरोपी आमीन उर्फ मिट्ठू को जनपद गोण्डा के गण्डारा चौकी के पास अपनी एक माशुका के घर में छुपा हुआ था। आलापुर के निवासी समाजसेवी निसार को जब सूचना मिली कि आमीन गोण्डा में अपनी एक माशुका के घर छिपा हुआ है। तो उसने पुलिस को सूचना दे दी और पुलिस के साथ गोण्डा पहुंचकर आमीन उर्फ मिट्ठू को उसकी माशुका के घर से गिरफ्तार कर लिया। जिसको बाराबंकी कोतवाली ले आयी। जहां पर पहले से मौजूद आलापुर ग्रामीण वासियों ने गाड़ी से उतरते समय आमीन की जमकर पिटाई कर दी। किसी तरह निसार व पुलिस वालों ने आमीन को ग्रामीणों के आक्रोश से बचाते हुये अन्दर ले आये। पूछताछ के बाद शव को बरामद के लिये पुलिस टीम को बख्शी का तालाब के लिये रवाना कर दिया।
पड़ोसी ही निकला सुल्तान का हत्यारा
बाराबंकी। सुल्तान की हत्या उसके पड़ोसी रिजवान घोड़ा ने अपनी जाति दुश्मनी निकालने के लिये की थी। रिजवान ने थाना जहांगीराबाद ग्राम धतौली भयारा निवासी आमीन उर्फ मिट्ठू को बीस हजार रुपये का लालच देकर सुल्तान को अपहरण कर उसकी हत्या करवा दी। बताया जाता है कि रिजवान और अकरम पड़ोसी हैं। दोनो में आये दिन झगड़ा होता रहता था। गांव वालो का कहना है कि रिजवान घोड़ा एक शातिर किस्म का व्यक्ति है। जो बेवजह गांव में लोगों से झगड़ता रहता है। सुल्तान की हत्या खबर सुनते ही पिता अकरम कोतवाली परिसर में दहाड़े मार-मारकर रोने लगा और हाथ जोड़कर कहने लगा कि मुझे इंसाफ चाहिये।
