इमाम हुसैन का मानने वाला कभी गलत रास्ते पर नहीं जा सकता
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जौनपुर । देश में बढ़ते आतंकवाद और आईएसआईएस से मुकाबला करने के लिए हम सबको एक होने की जरुरत है, और इस्लाम में यही कहा गया है कि अपने वतन से मोहब्बत करो। 14 सौ साल पहले करबला में हजरत इमाम हुसैन ने उस वक्त के सबसे बड़े आतंकवाद के सरगना यजीद के खिलाफ आवाज उठाकर हमे यह पैगाम दिया था। ऐसे में हमलोगों को उनके बताये हुए रास्ते पर चलने की जरुरत है। उक्त बातें रविवार को नगर के पानदरीबा मोहल्ला स्थित मीरघर इमामबाड़े में पत्रकार शम्सी आजाद के स्व. पिता सै. हसन मेंहदी के चेहलुम को खिताब करते हुए मौलाना सै. तहजीबुल हसन ने कही।
उन्होंने कहा कि करबला में हजरत इमाम हुसैन व उनके 71 साथियों की शहादत ने हमें जीने का जो रास्ता दिखाया है उसपर अमल करने की जरुरत है। इमाम हुसैन का मानने वाला कभी गलत रास्ते पर नहीं जा सकता है। यही वजह है कि पूरी दुनिया में जब उनका गम मनाया जाता है तो उनका चाहने वाला अपनी दौलत का दरवाजा खोल देता है। हजरत इमाम हुसैन के रौजे की जियारत करने के लिए जब लोग आशुर व चेहलुम के दिन जाते हैं तो वहां के लोग जिस खुलुस के साथ अजादारों की खिदमत करते है उससे हमें सबक लेने की जरुरत है। क्योंकि इमाम हुसैन ने पूरी इंसानियत को बचाने के लिए अपना पूरा परिवार कुरबान कर दिया, पर सच्चाई को नहीं छोड़ा। आज दुनिया में हर धर्म के लोग उनको नजराने अकीदत पेश करते है और यजीद का नाम लेने वाला कोई नहीं है। इससे पूर्व मजलिस का आगाज तिलावते कलाम पाक से हुआ। सोजख्वानी कैसर जौनपुरी ने व पेशख्वानी तनवीर जौनपुरी, शोला जौनपुरी, हेजाब जौनपुरी ने किया। इस मौके पर शम्सी आजाद, अरशद मेंहदी नजमी, नकी मेंहदी, अनवर जौनपुरी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष बलिया पीजी कालेज सै. शहंशाह आब्दी, फैसल हसन तबरेज, आजम जैदी, हसनैन कमर दीपू, पूर्व सभासद शाहिद मेंहदी, हसन जाहिद बाबू, अल्लन सैयद, भाजपा नेता शंहशाह हुसैन रिजवी, हाजी असगर हुसैन जैदी, अली कैसर सहित अन्य लोग मौजूद रहे। वहीं सैदनपुर स्थित इमाम बारगाह में जुम्ला मरहुमीन व आयतुल्लाह शेख अल निम्र की याद में मजलिस का आयोजन किया गया। जिसे मौ. काजिम मेंहदी उरुज ने सभी से इस्लाम के बताये हुए रासते पर चलने की अपील की। इस मौके पर डा. कमर अब्बास, तहजीबुल हसन, हसन जावेद, मोहम्मद अब्बास, अरशद अब्बास, सहित अन्य मौजूद रहे।

