मामता शर्मसार : कड़कड़ती ठंड में फेंकी बच्चियां
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जहां एक और सरकार बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओंके नारे दे रही है वहीं अभी भी इस समाज में ऐसे लोग हैं जो बेटियों को पैदा होते ही मारने से परहेज नहीं रखते। मामला गाजियाबाद के पोश इलाके इंदिरापुरम का है जहां के नीतिखंड इलाके में कूड़े के ढेर में एक नवजात बच्ची को इस कड़कड़ाती ठंड में मरने के लिए छोड़ दिया गया था।
बच्ची के वहां पड़े होने की सूचना पास में ही खेल रहे बच्चों ने स्थनीय लोगों को दी जिसके बाद उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। साथ ही उसकी हालत में सुधार भी हो रहा है। स्थनीय लोगों और पुलिस की पूछताछ के बाद भी अभी तक बच्ची की असल मां का पता नहीं चल सका है। हालांकि डॉक्टर्स ने बच्ची का इलाज शुरू कर दिया है। डॉक्टर्स का कहना हैं कि बच्ची को जब अस्पताल लाया गया उस वक्त उसकी हालत बेहद गंभीर थी।
वहीं यूपी के सुलतानपुर में भी ऐसा ही कुछ देखने को मिला जहां कोई अपनी बच्ची को नाले के किनारे छोड़ गया। ठंड में ठिठुर रही बच्ची की रोने की आवाज सुनकर मोहम्मद नाम के एक शख्स ने उसे उठा लिया और पुलिस थाने ले गया। मोहम्मद के 3 बेटे हैं लेकिन कोई बेटी नहीं है लेकिन अब इसे भी एक बेटी मिल गई। बेटी को घर लाकर मोहम्मद और उसका परिवार बेहद खुश है।
बच्ची के वहां पड़े होने की सूचना पास में ही खेल रहे बच्चों ने स्थनीय लोगों को दी जिसके बाद उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। साथ ही उसकी हालत में सुधार भी हो रहा है। स्थनीय लोगों और पुलिस की पूछताछ के बाद भी अभी तक बच्ची की असल मां का पता नहीं चल सका है। हालांकि डॉक्टर्स ने बच्ची का इलाज शुरू कर दिया है। डॉक्टर्स का कहना हैं कि बच्ची को जब अस्पताल लाया गया उस वक्त उसकी हालत बेहद गंभीर थी।
वहीं यूपी के सुलतानपुर में भी ऐसा ही कुछ देखने को मिला जहां कोई अपनी बच्ची को नाले के किनारे छोड़ गया। ठंड में ठिठुर रही बच्ची की रोने की आवाज सुनकर मोहम्मद नाम के एक शख्स ने उसे उठा लिया और पुलिस थाने ले गया। मोहम्मद के 3 बेटे हैं लेकिन कोई बेटी नहीं है लेकिन अब इसे भी एक बेटी मिल गई। बेटी को घर लाकर मोहम्मद और उसका परिवार बेहद खुश है।

