Bullet चलाकर शादी के मंडप में पहुंची दुल्हन
https://husainijnp.blogspot.com/2016/01/bullet.html
आमतौर पर भारतीय शादियों में दुल्हनों की एंट्री या तो डोली में होती है या फिर किसी लग्जरी गाड़ी में, मगर अहमदाबाद की आयशा उपाध्याय अपने शादी के पंडाल तक बुलेट चलाकर पहुंची। आयशा बुलेट की शौकीन हैं। उनकी शुक्रवार को शादी हुई।
अपनी शादी के लिये आयशा ने पंडाल में आने के लिए डोली या पालकी नहीं बल्कि बुलेट को चुना। दरअसल आयशा अपनी शादी में कुछ अलग करना चाहती थीं और यही वजह है कि उन्होंने बुलेट से मंडप तक जाना तय किया।
इस दौरान वे दबंग स्टाइल में शादी के जोडे के साथ गॉगल्स पहन कर बुलेट से आई।। आयशा को उनके भाई अदित ने रक्षाबंधन पर रॉयल एनफील्ड बुलेट 350 गिफ्ट की थी, उसी बुलेट से आयशा ने अपनी शादी में ऎन्ट्री की।
हैरानी की बात यह है कि आयशा के होने वाले दुल्हे यानी लौकिक व्यास को बाईक चलानी ही नहीं आती है। वे कनाडा में जॉब करते हैं। कम्प्यूटर एप्लीकेशन की प्रोफेसर आयशा उपाध्याय 26 साल की हैं और वह कम्प्यूटर ऎप्लीकेशंस में प्रोफेसर हैं।
आयशा जब स्कूल में 9वीं क्लास में थी तब उसने पहली बार अपने पापा की 100सीसी बाइक चलाई थी और तब से उसे बाइक राइडिंग का शौक चढ़ गया। आयशा पिछले 13 साल से बाइक चला रही हैं।
अपनी शादी के लिये आयशा ने पंडाल में आने के लिए डोली या पालकी नहीं बल्कि बुलेट को चुना। दरअसल आयशा अपनी शादी में कुछ अलग करना चाहती थीं और यही वजह है कि उन्होंने बुलेट से मंडप तक जाना तय किया।
इस दौरान वे दबंग स्टाइल में शादी के जोडे के साथ गॉगल्स पहन कर बुलेट से आई।। आयशा को उनके भाई अदित ने रक्षाबंधन पर रॉयल एनफील्ड बुलेट 350 गिफ्ट की थी, उसी बुलेट से आयशा ने अपनी शादी में ऎन्ट्री की।
हैरानी की बात यह है कि आयशा के होने वाले दुल्हे यानी लौकिक व्यास को बाईक चलानी ही नहीं आती है। वे कनाडा में जॉब करते हैं। कम्प्यूटर एप्लीकेशन की प्रोफेसर आयशा उपाध्याय 26 साल की हैं और वह कम्प्यूटर ऎप्लीकेशंस में प्रोफेसर हैं।
आयशा जब स्कूल में 9वीं क्लास में थी तब उसने पहली बार अपने पापा की 100सीसी बाइक चलाई थी और तब से उसे बाइक राइडिंग का शौक चढ़ गया। आयशा पिछले 13 साल से बाइक चला रही हैं।

