पुनिया ने राज्य निर्वाचन आयोग से की निष्पक्ष प्रमुख चुनाव कराने की मांग
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। ब्लाक प्रमुख के चुनाव में धन बल का सहारा लेकर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी खुलेआम लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाकर आदर्श आचार संहिता का मजाक बना रहे हैं। मित्र पुलिस समाजवादी पुलिस की भूमिका निभाकर पार्टी कार्यकर्ता की तरह सरकार द्वारा घोषित प्रत्याशियों को जिताने में मशगूल हैं। थानाध्यक्ष सरकार के प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हो इसके लिये विरोधी प्रत्याशियों को धमकाने का कार्य कर रहे हैं। ब्लाक प्रमुख का चुनाव निष्पक्ष व शांतिप्रिय हो राज्य निर्वाचन आयुक्त ब्लाक प्रमुख चुनाव को संज्ञान मे लेकर आयोग की निगरानी में पर्यवेक्षक नियुक्त करके चुनाव सम्पन्न करायें। उक्त अनुरोध राज्यसभा सांसद डॉ. पीएल पुनिया ने राज्य निर्वाचन आयोग से करते हुए कहा कि जनपद के प्रमुख के चुनाव में धन बल का खुला प्रयोग हो रहा हैं। मतदाता प्रत्याशियों को मिल नही रहे हैं, उन्हें बाहुबली सरकार और प्रशासन की सरपरस्ती के प्रत्याशी हफ्तों पहले सुरक्षित स्थान पर पहुंचकर उनकी सुख सुविधाओं का ख्याल रख रहे हैं। वही स्थानीय पुलिस और प्रशासन बेलगाम सत्ताधारी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के समक्ष नतमस्तक होकर उनके इशारे पर सम्भावित प्रत्याशियों को बैठाने का कार्य कर रहे हैं। सांसद श्री पुनिया ने कहा कि ब्लाक प्रमुख चुनाव की नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी हैं और प्रमुख पद का पर्चा खरीदने जाने पर प्रत्याशी को मारा पीटा जा रहा हैं। खुलेआम असलहों का प्रयोग हो रहा हैं लेकिन स्थानीय पुलिस प्रशासन व जिला प्रशासन सत्ताधारी दल के नाजायज कामों को नजरअंदाज करके निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न करने का खोखला आश्वासन दे रहा हैं। ब्लाक प्रमुख पद का उम्मीदवार जितना खर्च सम्पूर्ण चुनाव में कर सकता हैं, उससे कही अधिक खर्च कर चुका हैं और मतदाताओं के प्रमाण पत्र उम्मीदवारों के पास जमानत तौर पर गिरवीं हैं लेकिन प्रशासन की निगाहों में निष्पक्ष चुनाव हो रहा हैं।

